गुरबाज का 48 गेंदों में अफगानिस्तान का सबसे तेज वनडे शतक, गंभीर की सलाह को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के विस्फोटक सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज ने 13 जून 2026 को धर्मशाला में भारत के खिलाफ पहले वनडे में महज 48 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रच दिया — यह किसी अफगानी बल्लेबाज का सबसे तेज वनडे शतक है। गुरबाज ने 51 गेंदों में 102 रन की तूफानी पारी खेली और इस प्रदर्शन का श्रेय भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत को दिया।
गंभीर की सलाह और गुरबाज का रूपांतरण
गुरबाज ने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर्स को बताया कि न्यू चंडीगढ़ में खेले गए टेस्ट मैच के समापन के बाद उन्होंने गंभीर से शॉट सिलेक्शन पर मार्गदर्शन माँगा था। गुरबाज के शब्दों में, 'भारत के खिलाफ टेस्ट मैच के बाद, मेरी गौतम गंभीर सर के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई थी। उस चर्चा से मुझे सच में मदद मिली। मैंने नेट्स में उन सुझावों पर काम किया और मैं उस मार्गदर्शन के लिए बहुत आभारी हूं।'
उन्होंने आगे कहा, 'जब टेस्ट मैच खत्म हुआ, तो मैंने उनसे कहा कि मैं अपने शॉट सिलेक्शन को बेहतर बनाना चाहता हूं। उन्होंने कुछ अच्छे सुझाव दिए और मैं आज उन्हें लागू कर पाया। मैंने बस सकारात्मक खेलने की कोशिश की और यह मेरे लिए कारगर रहा।'
पारी का विवरण: 8 छक्के, 8 चौके
गुरबाज ने अपनी 102 रन की पारी में 8 छक्के और 8 चौके लगाए। यह उनका 9वाँ वनडे शतक था और इसे उन्होंने केवल 48 गेंदों में पूरा किया — अफगानिस्तान के क्रिकेट इतिहास में वनडे प्रारूप का सबसे तेज शतक। धर्मशाला की पिच पर स्पिन के लिए मददगार परिस्थितियों के बावजूद गुरबाज ने आक्रामक रुख बनाए रखा।
पिच की चुनौतियों पर बोलते हुए गुरबाज ने स्वीकार किया, 'सच कहूं तो विकेट आसान नहीं है, खासकर स्पिन के खिलाफ। स्पिनर्स को थोड़ी मदद मिल रही थी और गेंद टर्न भी हो रही थी। मेरा ध्यान खुद पर भरोसा रखने और सकारात्मक रहने पर था।'
भारत के डेब्यूटेंट्स ने पलटी बाजी
गुरबाज की तूफानी पारी के बावजूद भारत के दो डेब्यूटेंट खिलाड़ियों गुरनूर बरार और हर्ष दुबे ने तीन-तीन विकेट लेकर अफगानिस्तान की पारी को 24.5 ओवरों में 194 रन पर समेट दिया। अर्शदीप सिंह ने 2 विकेट लेकर दबाव बनाए रखा। इसके जवाब में भारत ने 22.5 ओवरों में 7 विकेट शेष रहते लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम किया।
गुरबाज का आत्मविश्वास और आगे की राह
गुरबाज ने अपनी रणनीति को सरल शब्दों में बताया: 'मुझे लगता है कि रणनीति बहुत सरल और आसान थी, बस सकारात्मक क्रिकेट खेलना। हमें पता था कि यह 25 ओवर का गेम है, लेकिन मैं अपने खेल को भी जानता हूं। मैंने बस खुद पर भरोसा किया और टीम के लिए खेला।'
भारत में भारत के खिलाफ शतक की विशेषता पर उन्होंने कहा, 'अपने देश के लिए कुछ करना और सभी को गौरवान्वित करना हमेशा अच्छा लगता है। यह मेरी मेहनत का फल है।' यह सीरीज़ अब आगे बढ़ेगी और देखना होगा कि अफगानिस्तान अगले मैचों में भारतीय गेंदबाज़ों की चुनौती से कैसे पार पाता है।