10 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हरियाणा कैबिनेट बैठक: लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने का प्रस्ताव

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हरियाणा कैबिनेट बैठक: लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹3 लाख करने का प्रस्ताव

सारांश

हरियाणा कैबिनेट की बैठक में लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा ₹1 लाख से ₹3 लाख तक बढ़ाने का बड़ा प्रस्ताव है — जिससे हजारों परिवार नए सिरे से पात्र हो सकते हैं। साथ ही हुड्डा के ₹27.17 लाख के दंडात्मक किराये की माफी और ग्रामीण रोजगार मिशन जैसे अहम फैसले भी एजेंडे पर हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा कैबिनेट की बैठक 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ में होगी।
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा मौजूदा ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹1.80 लाख , और विशेष मानक पूरे करने वाले परिवारों के लिए ₹3 लाख करने का प्रस्ताव है।
लाभार्थियों के लिए हर तीन महीने में जीवित होने का प्रमाण पत्र अनिवार्य करने पर भी विचार होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सरकारी आवास पर ₹27.17 लाख के दंडात्मक किराये को माफ करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में।
हरियाणा विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना और स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरण पर चर्चा होगी।
मीडिया कर्मी कल्याण कोष में संशोधन और नागरिक संसाधन सूचना विभाग को स्वतंत्र दर्जे का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को सुबह 11 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ में आयोजित होगी। जानकारी के अनुसार, इस बैठक में दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की पात्रता आय सीमा में संशोधन सहित जनकल्याण, ग्रामीण विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।

लाडो लक्ष्मी योजना: आय सीमा में बड़ा बदलाव संभव

बैठक के एजेंडे में सबसे चर्चित प्रस्ताव दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना से जुड़ा है। फिलहाल इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रस्ताव के अनुसार इस सीमा को बढ़ाकर ₹1.80 लाख करने पर विचार किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, सामाजिक विकास से जुड़े कुछ निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले परिवारों के लिए यह सीमा ₹3 लाख सालाना तक बढ़ाए जाने पर भी चर्चा होने की संभावना है। यदि कैबिनेट इन प्रस्तावों को मंजूरी देती है, तो राज्य में और बड़ी संख्या में परिवार इस कल्याण योजना के दायरे में आ सकेंगे।

योजना में प्रशासनिक बदलाव का भी प्रस्ताव

बैठक में लाभार्थियों को मिलने वाली राशि चुनने का विकल्प समाप्त करने और प्रत्येक तीन महीने में जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा कराने की व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किए जाने की संभावना है। यह कदम योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया जा सकता है।

गौरतलब है कि लाडो लक्ष्मी योजना राज्य की महिला एवं बालिका कल्याण से जुड़ी एक प्रमुख पहल है, और इसकी पात्रता सीमा में बदलाव से हजारों परिवारों पर सीधा असर पड़ेगा।

ग्रामीण रोजगार और स्थानीय निकायों को धनराशि

एजेंडे में हरियाणा विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय निकायों को वित्तीय सहायता और धनराशि हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। इन निर्णयों का उद्देश्य ज़मीनी स्तर पर विकास कार्यों और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं को गति देना बताया जा रहा है।

हुड्डा के सरकारी आवास पर दंडात्मक किराया माफी पर विचार

बैठक में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास पर लगाए गए ₹27.17 लाख के दंडात्मक किराये को माफ करने के प्रस्ताव पर भी कथित तौर पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा हरियाणा आवास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष राजदीप सिंह को राहत देने से संबंधित प्रस्तावों पर भी चर्चा संभावित है।

मीडिया कर्मी कल्याण और नागरिक संसाधन विभाग

बैठक के एजेंडे में मीडिया कर्मियों के कल्याण कोष की प्रशासनिक व्यवस्था में संशोधन और नागरिक संसाधन सूचना विभाग को एक स्वतंत्र विभाग के रूप में गठित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार प्रशासनिक ढाँचे को पुनर्गठित करने की दिशा में कई कदम उठा रही है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन प्रस्तावों पर अमल की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या राज्य के बजट में इतने विस्तारित लाभार्थी आधार को समायोजित करने की क्षमता है। तिमाही जीवित प्रमाण पत्र की शर्त ज़रूरी पारदर्शिता ला सकती है, पर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बुजुर्गों व महिलाओं के लिए यह प्रशासनिक बोझ भी बन सकती है। हुड्डा के आवास किराये की माफी जैसे प्रस्ताव राजनीतिक निहितार्थ रखते हैं और यह सवाल उठाते हैं कि क्या यह सद्भाव का संकेत है या दबाव में लिया गया फैसला।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा में क्या बदलाव प्रस्तावित है?
वर्तमान में इस योजना के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख तक होनी चाहिए। प्रस्ताव के अनुसार इसे सामान्य परिवारों के लिए ₹1.80 लाख और सामाजिक विकास मानकों को पूरा करने वाले परिवारों के लिए ₹3 लाख तक बढ़ाया जा सकता है।
हरियाणा कैबिनेट बैठक में और कौन-से प्रमुख प्रस्ताव हैं?
बैठक में हरियाणा विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण योजना, स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरण, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सरकारी आवास पर ₹27.17 लाख के दंडात्मक किराये की माफी और मीडिया कर्मी कल्याण कोष में संशोधन के प्रस्ताव शामिल हैं।
लाडो लक्ष्मी योजना में तिमाही प्रमाण पत्र की शर्त क्यों लाई जा रही है?
प्रस्ताव के अनुसार लाभार्थियों को हर तीन महीने में जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा करना होगा। यह व्यवस्था योजना में फर्जी लाभार्थियों को रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाई जा रही है।
हुड्डा के सरकारी आवास पर दंडात्मक किराया माफी का क्या मामला है?
नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ के सेक्टर-7 स्थित सरकारी आवास पर ₹27.17 लाख का दंडात्मक किराया लगाया गया है। कैबिनेट बैठक में इस राशि को माफ करने के प्रस्ताव पर विचार होने की संभावना बताई जा रही है।
इन फैसलों का आम जनता पर क्या असर होगा?
लाडो लक्ष्मी योजना की आय सीमा बढ़ने से राज्य के हजारों नए परिवार इस कल्याण योजना के दायरे में आ सकेंगे। ग्रामीण रोजगार मिशन और स्थानीय निकायों को धनराशि हस्तांतरण से ज़मीनी स्तर पर विकास कार्यों में तेज़ी आने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 1 साल पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले