हजारीबाग: चार दिन लापता उज्ज्वल कुमार का शव कुएं से बरामद, क्षतिग्रस्त बाइक ने बढ़ाई पुलिस की चिंता
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के हजारीबाग जिले में 22 अक्टूबर 2026 की सुबह एक संदिग्ध मामले में बभनवै गांव के पास एक पुल के नीचे स्थित कुएं से चार दिन से लापता युवक का शव बरामद किया गया। मृतक की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के ओरिया निवासी उज्ज्वल कुमार पासवान के रूप में हुई है। घटनास्थल के पास ही उनकी होंडा शाइन बाइक भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिली, जिसने इस पूरे मामले को और अधिक रहस्यमय बना दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
18 अक्टूबर 2026 को उज्ज्वल कुमार अपने घर से यह कहकर निकले थे कि वे बच्चों को लेने जा रहे हैं, परंतु उसके बाद वे कभी नहीं लौटे। परिजनों ने काफी देर प्रतीक्षा के बाद आसपास के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों में खोजबीन की, किंतु कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने स्थानीय थाने में लापता होने की सूचना दर्ज कराई थी।
गुरुवार सुबह ग्रामीणों की नज़र बभनवै गांव के पास पुल के नीचे बने कुएं में एक शव पर पड़ी, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए और शव की पहचान लापता उज्ज्वल कुमार पासवान के रूप में की गई।
संदिग्ध परिस्थितियाँ
घटनास्थल पर मिली बुरी तरह क्षतिग्रस्त होंडा शाइन बाइक ने पुलिस और परिजनों दोनों की आशंकाएं गहरी कर दी हैं। परिजनों और मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कथित तौर पर यह महज दुर्घटना नहीं, बल्कि किसी ने सुनियोजित साजिश के तहत युवक की हत्या कर साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को कुएं में फेंका है। हालाँकि, अभी तक इस आशंका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उज्ज्वल के ममेरे भाई ने बताया कि परिवार पिछले चार दिनों से लगातार अपने स्तर पर और पुलिस की मदद से उनकी तलाश में जुटा था। इस तरह अचानक शव बरामद होने से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार मौत के वास्तविक कारणों और पूरी घटना की तह तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ही यह निर्धारित होगा कि यह हत्या है या दुर्घटना।
आम जनता पर असर
इस घटना ने हजारीबाग के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में भय और अनिश्चितता का वातावरण बना दिया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में संदिग्ध परिस्थितियों में होने वाली मौतों की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि चार दिनों तक बिना किसी सुराग के लापता रहने के बाद शव का मिलना और बाइक का क्षतिग्रस्त पाया जाना, मामले की गंभीरता को रेखांकित करता है।
क्या होगा आगे
पुलिस द्वारा की जा रही तकनीकी जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही इस मामले की असल सच्चाई सामने आएगी। परिजनों की माँग है कि मामले की निष्पक्ष जाँच हो और यदि हत्या की बात सिद्ध होती है तो दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच रिपोर्ट इस पूरे रहस्य पर से पर्दा उठाएगी।