किरेन रिजिजू का विपक्ष पर हमला: 'न्यायपालिका को निशाना बनाकर लोकतंत्र की मूल संरचना पर चोट कर रहे हैं'
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सारांश
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए 1975 के आपातकाल और कांग्रेस के संस्थागत हस्तक्षेप का इतिहास सामने रखा — यह हमला पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से ठीक पहले आया है, जब लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर राष्ट्रीय बहस अपने चरम पर है।
Key Takeaways
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 3 मई 2026 को विपक्ष पर न्यायपालिका को निशाना बनाने का आरोप लगाया। रिजिजू ने कहा कि विपक्ष सरकारी एजेंसियों, ईवीएम , चुनाव आयोग, मीडिया और अब न्यायपालिका पर हमला कर भारतीय लोकतंत्र की मूल संरचना को कमज़ोर कर रहा है। 1973 में कांग्रेस सरकार द्वारा 3 वरिष्ठ जजों को नज़रअंदाज़ कर मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने और बहरुल इस्लाम को हाईकोर्ट जज बनाने का उल्लेख किया। रिजिजू ने संविधान की प्रस्तावना में बदलाव के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। यह बयान पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों से पहले आया, जब संस्थाओं की विश्वसनीयता पर राजनीतिक तनाव चरम पर है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 3 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों से ठीक पहले विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे सरकारी एजेंसियों, ईवीएम, चुनाव आयोग और मीडिया के बाद अब न्यायपालिका को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि यह रवैया भारतीय लोकतंत्र की मूल संरचना को कमज़ोर करने जैसा है और देश की जनता इसका करारा जवाब देगी।
रिजिजू का सीधा आरोप
रिजिजू ने अपनी पोस्ट में लिखा,
Point of View
वह यह है कि न्यायपालिका की स्वायत्तता पर सवाल केवल विपक्ष नहीं, बल्कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश और संवैधानिक विशेषज्ञ भी उठाते रहे हैं। 1973 और 1975 के उदाहरण ऐतिहासिक रूप से सटीक हैं, परंतु इनका उपयोग वर्तमान आलोचना को खारिज करने के लिए करना 'व्हाटअबाउटिज्म' की श्रेणी में आ सकता है। असली प्रश्न यह है कि क्या संस्थागत नियुक्तियों में पारदर्शिता और जवाबदेही आज पर्याप्त है — यह बहस किसी एक दल की विरासत से परे है।
NationPress
03/05/2026
Frequently Asked Questions
किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 3 मई 2026 को कहा कि विपक्षी दल सरकारी एजेंसियों, ईवीएम, चुनाव आयोग और मीडिया के बाद अब न्यायपालिका को निशाना बना रहे हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की मूल संरचना पर हमले के समान है। उन्होंने कहा कि देश की जनता इसका करारा जवाब देगी।
रिजिजू ने 1975 के आपातकाल का उल्लेख क्यों किया?
रिजिजू ने 1975 के आपातकाल और 1973 में 3 वरिष्ठ जजों को नज़रअंदाज़ कर मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का हवाला देकर यह तर्क दिया कि कांग्रेस सरकार ने ऐतिहासिक रूप से संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया है। उनका उद्देश्य वर्तमान विपक्षी आलोचना को ऐतिहासिक संदर्भ में रखकर खारिज करना था।
रिजिजू ने संविधान की प्रस्तावना को लेकर क्या कहा?
रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने डॉ. भीमराव अंबेडकर और संविधान निर्माताओं द्वारा दी गई संविधान की प्रस्तावना को बदल दिया था। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग का उदाहरण बताया।
पश्चिम बंगाल चुनाव से इस बयान का क्या संबंध है?
यह बयान पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों से ठीक पहले आया है, जब BJP और विपक्षी दलों के बीच संस्थाओं की विश्वसनीयता को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है। इस संदर्भ में रिजिजू का यह हमला चुनावी रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है।
रिजिजू ने संस्थाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पर क्या कहा?
रिजिजू ने कहा कि पहले कांग्रेस सरकारें सीधे संवैधानिक पदों पर नियुक्तियाँ करती थीं, जबकि अब यह प्रक्रिया एक कमेटी के माध्यम से होती है। उन्होंने इसे मौजूदा सरकार के तहत संस्थागत सुधार के रूप में प्रस्तुत किया।