क्या हुमायूं मकबरा परिसर में छत गिरने से हुई थी इतनी बड़ी दुर्घटना?
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 15 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में स्थित हुमायूं के मकबरे के पास शुक्रवार को एक गंभीर घटना हुई। दरगाह शरीफ पट्टे शाह से सटे कमरे की छत अचानक ढह गई। इस दुर्घटना में छह व्यक्तियों की मृत्यु हुई और कई अन्य घायल हो गए।
अग्निशामक विभाग के अनुसार, शुक्रवार शाम को निजामुद्दीन इलाके में हुमायूं मकबरा परिसर में एक दरगाह से जुड़ी आवासीय छत गिरने से तीन महिलाओं सहित कुल छह लोगों की जान चली गई और चार अन्य घायल हुए। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "दरगाह से सटी दो कमरों वाले एक मंजिला भवन की छत दोपहर लगभग 3:51 बजे गिरी। सूचना मिलते ही, हमने 25 दमकलकर्मियों के साथ चार दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी।"
हुमायूं के मकबरे के समीप दरगाह शरीफ पट्टे शाह परिसर में छत गिरने के इस मामले पर डीएम सरवन कुमार ने संवाददाताओं से कहा कि यह घटना दरगाह के पास हुमायूं परिसर में स्थित दो कमरों के आवास में हुई। हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ, और दिल्ली पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।
उन्होंने बताया कि हादसे के शिकार लोगों में दरगाह के आसपास के क्षेत्र, मुस्तफाबाद, और जाकिर नगर के निवासियों का समावेश है। यह संदेह जताया जा रहा है कि ये लोग एक इमाम के पास ताबीज बनवाने के लिए आए थे। डीएम ने कहा कि अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में छह लोगों की जान गई है।
इस घटना में जंगपुरा निवासी 56 वर्षीय अनीता और जाकिर नगर निवासी 32 वर्षीय मोइन की मृत्यु हुई। अनीता के बेटे शिवांश सैनी ने कहा कि मुझे एक फोन आया जिसमें बताया गया कि मेरी मां दीवार गिरने से घायल हो गई हैं। जब मैं एम्स पहुंचा तो मुझे उनकी तस्वीर दिखाई गई और बताया गया कि इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभ में मलबे में 10 लोग दबे थे, जिनमें से छह की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हुई। बचाव दल के एक अधिकारी ने बताया कि हादसे के समय दरगाह का इमाम भी इमारत के अंदर मौजूद था।
उन्होंने बताया कि 10 लोगों को अस्पताल ले जाया गया है, जिनमें से नौ को एम्स ट्रॉमा सेंटर और एक को आरएमएल अस्पताल भेजा गया है।