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क्या आईआईआईडीईएम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का सम्मेलन शुरू हुआ?

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क्या आईआईआईडीईएम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का सम्मेलन शुरू हुआ?

सारांश

आईआईआईडीईएम में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों का सम्मेलन शुरू हुआ है। यह सम्मेलन बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के विरोध के बीच महत्वपूर्ण है। यहां मुख्य दिशा-निर्देश दिए जाएंगे, जो चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद करेंगे।

मुख्य बातें

आईआईआईडीईएम में सम्मेलन का आयोजन हुआ है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।
बिहार में मतदाता सूची के मुद्दों पर चर्चा संभव है।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 की प्रक्रिया को भी ध्यान में रखा जा रहा है।
मतदाता सूची के सुधार में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली, 10 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (आईआईआईडीईएम) में बुधवार को एक महत्वपूर्ण सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने भाग लिया। यह जानकारी भारत निर्वाचन आयोग ने स्वयं साझा की है।

भारत निर्वाचन आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में बताया कि आईआईआईडीईएम में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की उपस्थिति में सम्मेलन शुरू हुआ। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस सम्मेलन को संबोधित किया।

चुनाव आयोग ने सम्मेलन के दौरान की कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध के चलते यह सम्मेलन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को कई विशेष दिशा-निर्देश दिए जा सकते हैं। इन निर्देशों के आधार पर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी अपने-अपने राज्यों में चुनाव और वोटर लिस्ट से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

इससे पहले उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने एक प्रेस नोट जारी किया। आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, आयोग ने 1 अगस्त को 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव के कार्यक्रम का ऐलान किया था, जिसमें 9 सितंबर को मतदान की तारीख और मतगणना की तारीख के रूप में निर्धारित किया गया था। मतदान प्रक्रिया 9 सितंबर को कमरा संख्या एफ-101, वसुधा, प्रथम तल, संसद भवन, नई दिल्ली में पूरी हुई।

उन्होंने कहा कि मतदान करने के लिए कुल 781 निर्वाचकों में से 767 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिनमें से 15 मतपत्र अवैध घोषित हुए। निर्वाचन के रिटर्निंग ऑफिसर, राज्यसभा के महासचिव ने मतगणना समाप्त होने के बाद सीपी राधाकृष्णन को देश के अगले उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित घोषित किया।

यह प्रक्रिया 7 अगस्त को राजपत्र में कार्यक्रम अधिसूचना के प्रकाशन के साथ शुरू हुई थी और सीपी राधाकृष्णन के भारत गणराज्य के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन के प्रमाणन पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी द्वारा हस्ताक्षर किए जाने के साथ बुधवार को संपन्न हो गई। इसके बाद इसकी हस्ताक्षरित प्रति उप निर्वाचन आयुक्त भानु प्रकाष एटूरु और सचिव सुमन कुमार दास द्वारा केंद्रीय गृह सचिव को सौंपी गई, जिसे भारत के नए उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पढ़ा जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि इस सम्मेलन का आयोजन भारत की चुनाव प्रक्रिया को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण है। यह न केवल राज्यों के निर्वाचन अधिकारियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगा, बल्कि मतदाता सूची में सुधार के प्रयासों को भी गति प्रदान करेगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईआईआईडीईएम में सम्मेलन का उद्देश्य क्या है?
सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान करना और चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाना है।
क्या इस सम्मेलन में बिहार के मुद्दों पर चर्चा होगी?
हाँ, यह सम्मेलन बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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