क्या सितंबर में भारी बारिश की संभावना है? आईएमडी की मासिक रिपोर्ट का खुलासा

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क्या सितंबर में भारी बारिश की संभावना है? आईएमडी की मासिक रिपोर्ट का खुलासा

सारांश

भारत में सितंबर में भारी बारिश की संभावना के साथ बाढ़ और भूस्खलन के जोखिम बढ़ सकते हैं। आईएमडी की रिपोर्ट से पता चलता है कि इस महीने सामान्य से अधिक वर्षा होगी, लेकिन कुछ क्षेत्रों में संकट भी उठ सकता है। जानें कैसे हमें इस स्थिति का सामना करना चाहिए।

Key Takeaways

  • सितंबर 2025 में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है।
  • बाढ़ और भूस्खलन जैसे जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
  • आईएमडी की पूर्व चेतावनियों को ध्यान में रखकर तैयारी करें।
  • कृषि और जल संसाधनों पर सकारात्मक प्रभाव हो सकता है।
  • संवेदनशील क्षेत्रों में मजबूत प्रतिक्रिया प्रणाली की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। देश के कई स्थानों पर बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं के बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को अपनी मासिक रिपोर्ट पेश की, जिसमें सितंबर 2025 में सामान्य से अधिक बारिश का अनुमान लगाया गया है।

आईएमडी की मासिक वर्षा और तापमान आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर में पूरे देश में औसत मासिक वर्षा सामान्य से अधिक (लंबी अवधि के औसत (एलपीए) का 109 प्रतिशत से अधिक) रहने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर, सितंबर में देश में औसत बारिश लगभग 167.9 मिमी हो सकती है।

आईएमडी की रिपोर्ट में बताया गया है, "भौगोलिक दृष्टि से देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों, दक्षिणी प्रायद्वीप और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है।"

सामान्य से अधिक वर्षा कृषि और जल संसाधनों के लिए लाभकारी हो सकती है, लेकिन इसके साथ बाढ़, भूस्खलन, सड़क परिवहन में बाधा, सार्वजनिक स्वास्थ्य की चुनौतियाँ और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान जैसे जोखिम भी जुड़े हैं।

इन जोखिमों को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, आईएमडी की पूर्व चेतावनियों का उपयोग करना, निगरानी और संरक्षण प्रयासों को बढ़ाना और संवेदनशील क्षेत्रों में मजबूत प्रतिक्रिया प्रणाली स्थापित करना आवश्यक है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) 2021 से देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा के लिए हर महीने और हर मौसम का पूर्वानुमान जारी कर रहा है। यह पूर्वानुमान मल्टी-मॉडल एनसेंबल (एमएमई) पद्धति पर आधारित है।

इस मल्टी-मॉडल एनसेंबल पद्धति में विभिन्न जलवायु पूर्वानुमान और शोध केंद्रों के कपल्ड ग्लोबल क्लाइमेट मॉडल्स (सीजीसीएम) का उपयोग किया जाता है, जिसमें आईएमडी के मॉनसून मिशन क्लाइमेट फोरकास्टिंग सिस्टम (एमएमसीएफएस) मॉडल भी शामिल है।

आईएमडी ने 15 अप्रैल को 2025 के दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन (जून से सितंबर) के लिए पहले चरण का पूर्वानुमान जारी किया और 27 मई को इसके लिए अपडेट प्रदान किया। इसके अलावा, 27 मई को जून के लिए वर्षा का पूर्वानुमान और 30 जून को जुलाई के लिए जारी किया गया था।

आईएमडी ने अगस्त-सितंबर 2025 के दौरान होने वाली मौसमी वर्षा का पूर्वानुमान और अगस्त 2025 के लिए मासिक वर्षा एवं तापमान का दृष्टिकोण 31 जुलाई को जारी किया था।

सितंबर महीने के लिए देशभर में सतही वायु तापमान की भविष्यवाणी में, आईएमडी ने कहा है कि पश्चिम-मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में इस दौरान मासिक औसत अधिकतम तापमान सामान्य से सामान्य से कम रहने की संभावना है।

वहीं, पूर्व-मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों, उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ भागों और पश्चिमी तटीय क्षेत्र में यह सामान्य से अधिक रह सकता है।

Point of View

देशभर में सितंबर में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना है। यह जानकारी हमारे देश के मौसम को समझने में मदद करती है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। हमें इन चुनौतियों का सामना करने के लिए उचित कदम उठाने की आवश्यकता है।
NationPress
31/08/2025

Frequently Asked Questions

सितंबर में बारिश का पूर्वानुमान क्या है?
आईएमडी के अनुसार, सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।
क्या बाढ़ का खतरा है?
हां, सामान्य से अधिक बारिश से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
आईएमडी रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है?
आईएमडी की रिपोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति, तापमान और संभावित जोखिमों का उल्लेख है।