क्या सरकार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में सोचना चाहिए?: इमरान मसूद
सारांश
Key Takeaways
- इमरान मसूद ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बारे में चिंता व्यक्त की।
- भारत में हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।
- सरकार को बांग्लादेश के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
- इंदिरा गांधी की संधि का महत्व अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में है।
- कांग्रेस कार्यकर्ताओं को यूपी में पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस पार्टी के सांसद इमरान मसूद ने गुजरात के सोमनाथ में आयोजित 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि भारत में हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। सरकार को इस अत्याचार के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए।
'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के दौरान शौर्य यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने पर इमरान मसूद ने कहा, "यह उनकी आस्था है। वे अपनी आस्था के अनुसार पर्व का आयोजन कर रहे हैं। यह उनका अधिकार है, लेकिन जिस पद पर वे हैं, उसे देखते हुए उन्हें अपने आस-पड़ोस में हो रहे अन्याय पर भी ध्यान देना चाहिए।"
कांग्रेस सांसद ने कहा, "इंदिरा गांधी ने जो संधि की थी, उसके अनुसार भारत को बांग्लादेश से बात करनी चाहिए। इंदिरा गांधी ने 1971 में जब मुजीब साहब के साथ संधि की थी, तो उसमें अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की थी।"
कांग्रेस सांसद ने राम मंदिर में कश्मीरी युवक की हिरासत पर कहा, "ऐसे लोग बेवकूफ होते हैं। नमाज इस तरह नहीं होती है। नमाज के लिए उस स्थान के मालिक से अनुमति आवश्यक होती है।"
पश्चिम बंगाल में ईडी के छापों को लेकर इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे (भाजपा) संघीय ढांचे को समाप्त करना चाहते हैं।
इसके अलावा, प्रियंका गांधी के जन्मदिन को लेकर कांग्रेस सांसद ने कहा, "हम इसे उत्तर प्रदेश में संकल्प दिवस के रूप में मना रहे हैं। हर कांग्रेस कार्यकर्ता को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम यूपी में कांग्रेस के सुनहरे इतिहास को फिर से जीवित करेंगे और पार्टी को मजबूत करेंगे।"