क्या आप जानते हैं इंटरनेशनल कोरियोग्राफर्स डे का महत्व?
सारांश
Key Takeaways
- इंटरनेशनल कोरियोग्राफर्स डे हर साल 9 जनवरी को मनाया जाता है।
- सरोज खान, प्रभु देवा, और फराह खान जैसे कोरियोग्राफर्स ने बॉलीवुड में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- नृत्य पर्दे के पीछे की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
मुंबई, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रत्येक वर्ष 9 जनवरी को विश्वभर में इंटरनेशनल कोरियोग्राफर्स डे मनाया जाता है। यह दिन उन कलाकारों को समर्पित है जो पर्दे के पीछे रहकर फिल्मों के गानों में जान डालते हैं। बॉलीवुड में नृत्य का विशेष महत्व है। एक बेहतरीन गाना और नृत्य फिल्म को सुपरहिट बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कई सितारे अपने नृत्य के कारण प्रशंसकों के प्रिय बनते हैं, जैसे कि जितेंद्र से लेकर टाइगर श्रॉफ तक। लेकिन इन ठुमकों के पीछे की मेहनत उन कोरियोग्राफर्स की होती है जो स्टेप्स तैयार करते हैं।
दिवंगत स्टार सरोज खान को बॉलीवुड की पहली महिला कोरियोग्राफर माना जाता है, जिन्हें 'मदर ऑफ डांस' कहा जाता है। उन्होंने 2000 से अधिक गानों की कोरियोग्राफी की। उनके हिट गानों की सूची में 'एक दो तीन' (तेजाब), 'धक धक करने लगा' (बेटा), 'डोला रे डोला' (देवदास) और 'हवा हवाई' (मिस्टर इंडिया) शामिल हैं। सरोज खान ने माधुरी दीक्षित और श्रीदेवी जैसे सितारों को नृत्य का सही अंदाज सिखाया।
प्रभु देवा को 'भारत का माइकल जैक्सन' कहा जाता है। उन्होंने हिंदी के साथ ही तमिल, तेलुगू फिल्मों में भी कमाल दिखाया। उनके गाने हैं 'मुकाबला' (हमसे है मुकाबला), 'उर्वशी उर्वशी' (काधलन), 'गो गो गोविंदा' (ओएमजी) और 'के सरा सरा' (पुकार)। प्रभु देवा ने दो नेशनल अवॉर्ड जीते और कई फिल्मों का निर्देशन भी किया।
फराह खान ने बिना औपचारिक प्रशिक्षण के कोरियोग्राफी की शुरुआत की। उनके आइकॉनिक गाने हैं 'छैया छैया' (दिल से), 'इक पल का जीना' (कहो ना प्यार है), 'शीला की जवानी' (तीस मार खान) और 'इधर चला मैं उधर चला' (कहो ना प्यार है)। फराह ने कई फिल्मफेयर अवार्ड जीते और फिल्मों का निर्देशन भी किया।
गोविंदा के नृत्य स्टेप्स को खास तौर पर पसंद किया जाता है। उनके नृत्य के पीछे रहने वाले गणेश आचार्य हैं। उनके हिट नंबर में 'बीड़ी जलैले' (ओमकारा), 'मल्हारी' (बाजीराव मस्तानी), 'चिकनी चमेली' (अग्निपथ), 'मस्तों का झुंड' (भाग मिल्खा भाग) और पुष्पा का 'ऊ अंटावा' शामिल हैं। गणेश ने नृत्य के लिए कई अवार्ड जीते हैं और वे एनर्जेटिक स्टेप्स के लिए मशहूर हैं।
रेमो डिसूजा ने 'बदतमीज दिल' (ये जवानी है दीवानी), 'दीवानी मस्तानी' (बाजीराव मस्तानी), 'सुन साथिया' (एबीसीडी 2) और 'डिस्को दीवाने' (स्टूडेंट ऑफ द ईयर) जैसे गानों की कोरियोग्राफी की। वह नृत्य रियलिटी शोज के जज भी रह चुके हैं और फिल्मों का निर्देशन करते हैं।
वैभवी मर्चेंट ने 'ढोली तारो ढोल बाजे' (हम दिल दे चुके सनम) से डेब्यू किया, जिसके लिए उन्हें नेशनल अवार्ड मिला। उनके अन्य हिट गाने हैं 'कजरा रे' (बंटी और बबली), 'ओ रे छोरी' (लगान) और 'बेशरम रंग' (पठान)।
गीता कपूर, जिन्हें 'गीता मां' भी कहा जाता है, उन्होंने कई अवार्ड शोज और फिल्मों में काम किया है। वह नृत्य रियलिटी शोज में भी जज हैं। इसके अलावा, अहमद खान, टेरेंस लुईस, गणेश हेगड़े समेत कई सितारों का नाम भी शामिल है।