आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर मनोहर लाल खट्टर, योगी समेत कई नेताओं ने हिमवीरों को दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने 24 अक्टूबर 2026 को अपना 65वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिमवीरों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई दी। हिमालय की दुर्गम चोटियों पर अपनी सेवाएँ देने वाले इन जवानों की वीरता को देशभर से सराहना मिली।
मनोहर लाल खट्टर का संदेश
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने एक्स पर लिखा कि 'शौर्य, दृढ़ता और कर्मनिष्ठा के अखंड प्रण के साथ देश की सुरक्षा के लिए सतत सजग भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के समस्त वीर जवानों और उनके परिवारजनों को स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।' उन्होंने यह भी कहा कि हिमवीर अत्यंत दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में भी सुरक्षा और एकता के सजग प्रहरी बने रहते हैं और उनके समर्पण, अनुशासन तथा अदम्य साहस को नमन है।
मुख्यमंत्रियों की शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा कि हिमालय की अत्यंत विषम परिस्थितियों और शून्य से नीचे के तापमान में भी हमारे वीर जवान अडिग रहते हुए देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन जवानों की वीरता, पराक्रम और समर्पण हर भारतवासी को गर्व से भर देता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक्स पर कहा कि हिमालय की दुर्गम चोटियों और विषम परिस्थितियों में सीमाओं की रक्षा के लिए हिमवीरों का अदम्य साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है तथा उनकी वीरता, त्याग और समर्पण को संपूर्ण राष्ट्र का वंदन है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लिखा कि सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आपदा के समय नागरिकों की सहायता तक, हिमवीरों की निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यनिष्ठा प्रत्येक देशवासी के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने एक्स पर कहा कि विषम परिस्थितियों और बर्फीली चोटियों पर अडिग रहकर मातृभूमि की रक्षा करने वाले जवानों की 'शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा' के मूलमंत्र को सादर नमन है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर पोस्ट किया कि विषम परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति हिमवीरों का अटूट समर्पण और वीरता सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी हिमवीरों की अडिग प्रतिबद्धता और अनुशासन की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी।
आईटीबीपी का इतिहास और भूमिका
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी। यह केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है और मुख्यतः सीआरपीएफ अधिनियम के तहत गठित है। इसका प्राथमिक उद्देश्य विदेशी घुसपैठ और अतिक्रमण के विरुद्ध सीमाओं की सुरक्षा करना है।
गौरतलब है कि आईटीबीपी के जवान हिमालय क्षेत्र की अत्यधिक ऊँचाई, बर्फीले दर्रों और शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान में तैनात रहते हैं। सीमा सुरक्षा के अलावा ये जवान प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत-बचाव कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रीय महत्व
यह स्थापना दिवस ऐसे समय आया है जब भारत-चीन सीमा पर तनाव और कूटनीतिक संवाद दोनों एक साथ जारी हैं। ऐसे में आईटीबीपी की भूमिका और भी सामरिक महत्व रखती है। देश के शीर्ष नेताओं द्वारा एकजुट होकर हिमवीरों की प्रशंसा इस बल के प्रति राष्ट्रीय सम्मान को दर्शाती है। आने वाले वर्षों में सीमा अवसंरचना और बल-क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी रहने की उम्मीद है।