24 अक्टूबर 2026
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आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने 'हिमवीरों' को दी बधाई, राजनाथ सिंह ने भी किया सम्मान

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आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर PM मोदी ने 'हिमवीरों' को दी बधाई, राजनाथ सिंह ने भी किया सम्मान

सारांश

आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'हिमवीरों' को सम्मान दिया। 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद स्थापित यह बल 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा की रक्षा करता है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 24 अक्टूबर 2026 को आईटीबीपी के 65वें स्थापना दिवस पर एक्स पर बधाई पोस्ट की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी 'हिमवीरों' की सेवा और साहस की सराहना की।
थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने भी शुभकामनाएँ दीं।
आईटीबीपी की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद हुई थी।
बल काराकोरम दर्रे से जाचेप ला तक 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की रक्षा करता है।
आईटीबीपी गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और आंतरिक सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अक्टूबर 2026 को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 65वें स्थापना दिवस पर बल के सभी अधिकारियों और जवानों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर 'हिमवीरों' के असाधारण साहस और निस्वार्थ सेवा की सराहना की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी इस अवसर पर शुभकामनाएँ दीं।

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर बल के सभी जवानों को बधाई। आईटीबीपी के हिमवीरों ने अपने असाधारण साहस से खुद को साबित किया है। उन्होंने हमेशा अद्भुत दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना किया है। उनकी निस्वार्थ सेवा और बलिदान देश के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है।'

यह संदेश ऐसे समय में आया है जब भारत-चीन सीमा पर कूटनीतिक और सुरक्षा संवेदनशीलता बनी हुई है, जो आईटीबीपी की भूमिका को और अधिक महत्वपूर्ण बनाती है।

रक्षा मंत्री और केंद्रीय मंत्री की बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पर लिखा, 'आईटीबीपी स्थापना दिवस पर, मैं आईटीबीपी के सभी जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई देता हूं। आईटीबीपी के हिमवीरों ने अत्यंत कठिन जलवायु परिस्थितियों में भारत की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी अहम योगदान दिया है, जिसमें वामपंथी उग्रवाद से निपटने के प्रयास भी शामिल हैं। उनका साहस, पेशेवर रवैया और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण, राष्ट्र सेवा की सर्वोत्तम परंपराओं को दर्शाता है।'

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया पर लिखा, 'शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा — आईटीबीपी स्थापना दिवस के अवसर पर, मैं आईटीबीपी के हिमवीरों को हार्दिक बधाई देता हूं। कठिन परिस्थितियों में हमारी सीमाओं की रक्षा करने में आपका अदम्य साहस और दृढ़ता प्रेरणादायक है। आपके त्याग और देशभक्ति की भावना को नमन।'

सेना और अर्धसैनिक बलों का सम्मान

थल सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंक के कर्मियों की ओर से आईटीबीपी के सभी कर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएँ दी गईं।

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने भी एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि डीजी जीपी सिंह और सीआरपीएफ के सभी रैंक के कर्मी आईटीबीपी के 'हिमवीरों' की वीरता, निस्वार्थ बलिदान और गौरवशाली विरासत को नमन करते हैं।

आईटीबीपी का इतिहास और भूमिका

गौरतलब है कि आईटीबीपी की स्थापना भारत-चीन युद्ध के बाद 24 अक्टूबर 1962 को की गई थी। यह बल लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला तक 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की रक्षा करता है।

आईटीबीपी गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है और इसकी प्रमुख ज़िम्मेदारियों में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ एवं तस्करी रोकना, उच्च ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बचाव अभियान और आंतरिक सुरक्षा शामिल है। यह भारत का एक अग्रणी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है।

आगे की राह

65 वर्षों की यात्रा में आईटीबीपी ने विषम पर्वतीय परिस्थितियों में राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने की परंपरा बनाए रखी है। आने वाले वर्षों में भारत-चीन सीमा पर बढ़ती रणनीतिक चुनौतियों के बीच यह बल और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसने आईटीबीपी की भूमिका को नई परिभाषा दी है। लेकिन प्रश्न यह भी उठता है कि बधाई संदेशों से परे, उच्च ऊँचाई पर तैनात जवानों की बेहतर सुविधाओं और आधुनिक उपकरणों के लिए नीतिगत प्रतिबद्धताएँ किस हद तक पूरी हो रही हैं।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईटीबीपी का 65वाँ स्थापना दिवस कब मनाया गया?
आईटीबीपी का 65वाँ स्थापना दिवस 24 अक्टूबर 2026 को मनाया गया। इस बल की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के बाद की गई थी।
आईटीबीपी क्या है और इसकी क्या भूमिका है?
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है जो गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। यह लद्दाख के काराकोरम दर्रे से अरुणाचल प्रदेश के जाचेप ला तक 3,488 किलोमीटर लंबी भारत-चीन सीमा की रक्षा करती है और आंतरिक सुरक्षा अभियानों में भी सहयोग देती है।
PM मोदी ने आईटीबीपी जवानों के बारे में क्या कहा?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि आईटीबीपी के 'हिमवीरों' ने असाधारण साहस से खुद को साबित किया है और अद्भुत दृढ़ संकल्प के साथ हर चुनौती का सामना किया है। उन्होंने जवानों की निस्वार्थ सेवा और बलिदान को देश के लिए प्रेरणा का बड़ा स्रोत बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आईटीबीपी को लेकर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आईटीबीपी के 'हिमवीरों' ने अत्यंत कठिन जलवायु परिस्थितियों में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ वामपंथी उग्रवाद से निपटने में भी अहम योगदान दिया है। उन्होंने जवानों के साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को राष्ट्र सेवा की सर्वोत्तम परंपरा बताया।
आईटीबीपी को 'हिमवीर' क्यों कहा जाता है?
आईटीबीपी के जवान हिमालय की दुर्गम ऊँचाइयों पर तैनात रहते हैं और विषम पर्वतीय व जलवायु परिस्थितियों में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, इसी कारण उन्हें 'हिमवीर' कहा जाता है। यह संबोधन उनके असाधारण साहस और कठोर परिस्थितियों में सेवा की पहचान है।
राष्ट्र प्रेस
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