क्या जातीय जनगणना से विकास का एक नया मॉडल मिलेगा? : राहुल गांधी

सारांश
Key Takeaways
- जातीय जनगणना से विकास के नए मॉडल का निर्माण होगा।
- राहुल गांधी ने आरक्षण की दीवार को तोड़ने का आश्वासन दिया।
- सभी समुदायों को सम्मान और स्थान मिलना चाहिए।
- सरकार का कार्य अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदान करना है।
- मोहब्बत की दुकान होनी चाहिए, नफरत की नहीं।
मोतिहारी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार शाम अपनी वोटर अधिकार यात्रा के दौरान मोतिहारी में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित किया।
उनका कहना था कि जातीय जनगणना से देश के विकास के लिए एक नया मॉडल प्राप्त होगा, लेकिन यह केवल एक शुरुआत होगी। उन्होंने लोगों से यह वादा किया कि वे आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को समाप्त कर देंगे।
राहुल गांधी ने कहा, "देश में एक संतुलन होना आवश्यक है। सभी को यहाँ स्थान मिलना चाहिए। चाहे वे सवर्ण हों, दलित, अति पिछड़ा, पिछड़ा या अल्पसंख्यक, सभी को सम्मान मिलना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा कि हमें मोहब्बत का सहारा लेना चाहिए, नफरत का नहीं। बिना हिंसा के, सबको एक साथ लेकर देश की पूरी शक्ति का उपयोग कर आगे बढ़ना है। लेकिन यह तब तक संभव नहीं जब तक कि लोग वोट चोरी करते रहेंगे।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि आज के भारत में जितनी भी संस्थाएं हैं, चाहे वह कॉरपोरेट, ब्यूरोक्रेसी, बॉलीवुड या मीडिया हों, वहाँ आदिवासी, दलित, अति पिछड़ा, पिछड़ा और अल्पसंख्यक कहीं नहीं दिखते। उन्होंने कहा कि सरकार का कर्तव्य है अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था प्रदान करना। निजी अस्पतालों और शिक्षा संस्थानों में 90 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व कहीं नहीं है।
इससे पहले, बिहार में होने वाले चुनावों से पहले कथित वोट चोरी के खिलाफ राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार महागठबंधन द्वारा निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा का 12वां दिन सीतामढ़ी से शुरू हुआ। गुरुवार की सुबह, राहुल गांधी ने सीतामढ़ी में जानकी मंदिर जाकर माता की पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
राहुल गांधी ने जानकी मंदिर में पूजा की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। इस यात्रा का समापन एक सितंबर को पटना में होगा, जहाँ राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पदयात्रा करेंगे।