बारामती उपचुनाव: एनसीपी नेता जय पवार का बड़ा बयान, लोगों ने किया है निर्णय
सारांश
Key Takeaways
- बारामती उपचुनाव में एनसीपी की सक्रियता बढ़ी है।
- जय पवार ने अजीत पवार की याद में भावुकता व्यक्त की।
- विकास के लिए एमआईडीसी पर ध्यान दिया गया है।
- पार्टी ने सुनेत्रा पवार को चुनावी मैदान में उतारा है।
- जय पवार ने हर गांव जाने का वादा किया है।
बारामती, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एनसीपी नेता जय पवार ने शनिवार को एक सभा में यह स्पष्ट किया कि विपक्ष को चुनावी लड़ाई में भाग लेने का अधिकार है, लेकिन बारामती के निवासियों ने पहले ही अपना निश्चय कर लिया है। उन्होंने कहा कि दादा (अजीत पवार) हमारे बीच नहीं हैं, परंतु वे हमारे दिलों में जीवित हैं और उनके गुण हम सभी में समाहित हैं।
जय पवार ने बताया कि बारामती के विकास का श्रेय शरद पवार, अजीत पवार और अन्य पवार परिवार के सदस्यों के सामूहिक प्रयासों को जाता है। उन्होंने यह बातें 23 अप्रैल को होने वाले बारामती उपचुनाव के लिए नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं की समीक्षा बैठक में कहीं। पार्टी ने डिप्टी चीफ मिनिस्टर सुनेत्रा पवार को चुनावी मैदान में उतारा है।
जय पवार ने कहा कि यह मेरे लिए दुर्भाग्य की बात है कि मेरी अंतिम स्पीच अजीत दादा के सामने थी, लेकिन मुझे इस बात से संतोष है कि उन्होंने मुझे आगे बढ़ते देखा। हाल ही में एक वरिष्ठ नेता के निधन से गमगीन माहौल में जय पवार ने परिवार की राजनीतिक विरासत को बनाए रखने का आश्वासन दिया।
उन्होंने 2014 में अपने पहले चुनावी भाषण को याद किया, जिसमें अजीत पवार ने उनकी बोलने की क्षमता को सराहा था। उन्होंने अजीत पवार के उत्कृष्ट कार्यशैली पर भी जोर दिया, और कहा कि जब वे ओलों से प्रभावित खेतों के दौरे पर गए, तो किसानों ने कहा कि यदि दादा जीवित होते तो सरकारी अधिकारी राहत के लिए तुरंत आते।
जय पवार ने विद्या प्रतिष्ठान और महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन क्षेत्र में चल रहे विकास पर ध्यान आकर्षित किया और क्षेत्र में अधिक कंपनियों तथा रोजगार लाने के लिए एमआईडीसी को बढ़ाने का आश्वासन दिया। साथ ही, पवार परिवार ने हर गांव जाने का वादा किया ताकि लोगों के साथ संवाद को बनाए रखा जा सके।