9 अक्टूबर 2026
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जेवर एयरपोर्ट का नाम बदला: योगी कैबिनेट ने 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' को दी मंजूरी

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जेवर एयरपोर्ट का नाम बदला: योगी कैबिनेट ने 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' को दी मंजूरी

सारांश

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जेवर एयरपोर्ट को 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' नाम देकर प्रधानमंत्री के 25 वर्षीय जनसेवा को अभिनंदन दिया। ₹11,000 करोड़ की लागत से बना यह हवाई अड्डा अब उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी और आर्थिक महत्वाकांक्षाओं का नया प्रतीक बन गया है।

मुख्य बातें

योगी कैबिनेट ने 9 अक्टूबर 2026 को जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' करने की मंजूरी दी।
नामकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के जनसेवा कालखंड को समर्पित है।
एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ था; लागत ₹11,000 करोड़ , क्षेत्रफल 3,300 एकड़ ।
प्रारंभिक यात्री क्षमता सालाना 1.2 करोड़ ; सभी चार चरण पूरे होने पर एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना।
कैबिनेट बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी; 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 इलेक्ट्रिक बसें चलाने का भी निर्णय।
प्रदेश में 65 लाख से अधिक PM आवास और 3.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न की जानकारी भी दी गई।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई, जिनमें यह नामकरण प्रस्ताव सबसे चर्चित रहा।

नामकरण का कारण और कैबिनेट का रुख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश कैबिनेट ने उनके योगदान का अभिनंदन करते हुए यह प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश से आत्मीय संबंध है और उनके नेतृत्व में प्रदेश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

बैठक में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और विदेश से माँ अन्नपूर्णा की प्रतिमा की वापसी को प्रधानमंत्री के उल्लेखनीय प्रयासों के उदाहरण के तौर पर गिनाया।

जेवर एयरपोर्ट: परियोजना का विवरण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। परियोजना के इस चरण में ₹11,000 करोड़ की लागत से 3,300 एकड़ क्षेत्र में टर्मिनल और रनवे विकसित किए गए हैं। प्रारंभिक यात्री क्षमता सालाना लगभग 1.2 करोड़ बताई गई है। सभी चार चरण पूरे होने पर इसे एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, हाईवे, मेट्रो और क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम जैसी परियोजनाओं के ज़रिये देश के प्रमुख लॉजिस्टिक हब के रूप में खुद को स्थापित करने का प्रयास कर रहा है।

अन्य कैबिनेट निर्णय: इलेक्ट्रिक बसें और रोजगार

ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि नगरीय परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। निर्धारित नीति के तहत टेंडर में सबसे कम दर देने वाली कंपनी से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी, जबकि शेष बसें उत्तर प्रदेश में निर्माण करने वाली कंपनियों से ली जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास का उल्लेख करते हुए लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण इकाई और पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क जैसी परियोजनाओं को निवेश व रोजगार के नए स्रोत बताया।

सामाजिक कल्याण योजनाओं का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 65 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास उपलब्ध कराए गए हैं और 3.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न दिया जा रहा है। यह घोषणाएँ मोदी के 25 वर्षीय जनसेवा कालखंड को रेखांकित करने के व्यापक आख्यान का हिस्सा थीं।

गौरतलब है कि जीवित राजनेताओं के नाम पर सार्वजनिक संपत्तियों के नामकरण की परंपरा पर राजनीतिक हलकों में बहस जारी रहती है; हालांकि सत्तारूढ़ दल का तर्क है कि यह निर्णय जनभावना और विकास के प्रतीक के रूप में लिया गया है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस नामकरण को औपचारिक रूप से अधिसूचित करती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले BJP की ब्रांडिंग रणनीति का हिस्सा भी लगता है। गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट का पहला चरण स्वयं मोदी ने उद्घाटन किया था, और अब उसी परियोजना पर उनका नाम — यह राजनीतिक प्रतीकवाद का सुनियोजित प्रयोग है। आलोचक पूछ सकते हैं कि क्या सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे का नामकरण किसी व्यक्ति विशेष की उपलब्धि की मान्यता है या संस्थागत तटस्थता को कमज़ोर करना — यह सवाल बहस के केंद्र में रहेगा।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेवर एयरपोर्ट का नया नाम क्या है?
योगी कैबिनेट के फैसले के बाद जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नया नाम 'नरेंद्र मोदी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' होगा। यह नामकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षीय जनसेवा को समर्पित है।
जेवर एयरपोर्ट का नाम बदलने का फैसला कब और कैसे हुआ?
9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन कब हुआ था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन किया था। इस चरण में ₹11,000 करोड़ की लागत से 3,300 एकड़ में टर्मिनल और रनवे विकसित किए गए हैं।
जेवर एयरपोर्ट की यात्री क्षमता और भविष्य की योजना क्या है?
एयरपोर्ट की प्रारंभिक यात्री क्षमता सालाना लगभग 1.2 करोड़ बताई गई है। सभी चार चरण पूरे होने पर इसे एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल करने की योजना है।
योगी कैबिनेट ने 9 अक्टूबर की बैठक में और कौन-से बड़े फैसले लिए?
कैबिनेट ने 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला किया। इसके अलावा प्रदेश में 65 लाख से अधिक PM आवास और 3.67 करोड़ राशन कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न देने की जानकारी भी दी गई।
राष्ट्र प्रेस
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