जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान में किसान यात्री: जमीन दी, अब आसमान छुएंगे
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार, 16 जून को सुबह 8 बजे उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट में वे किसान यात्री बनेंगे, जिन्होंने इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी हजारों एकड़ ज़मीन दी थी। यह पहली उड़ान सीधे लखनऊ जाएगी, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन किसानों से मुलाकात करेंगे।
ऐतिहासिक क्षण: किसान से यात्री तक
जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है कि एयरपोर्ट के लिए अपनी ज़मीन देने वाले किसान ही वहाँ से उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट का हिस्सा बनेंगे।' उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के लोगों के सपनों और उम्मीदों की झलक बताया।
गौरतलब है कि इस पहली उड़ान में केवल ज़मीन देने वाले किसान ही नहीं, बल्कि वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें एयरपोर्ट निर्माण के कारण विस्थापित होना पड़ा था — इनमें महिला किसान भी शामिल हैं।
उद्घाटन से पहली उड़ान तक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था। उद्घाटन के अवसर पर मोदी ने कहा था कि यह एयरपोर्ट 'विकसित उत्तर प्रदेश' की दिशा में राज्य की बड़ी प्रगति का प्रतीक बनेगा और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार बड़े बुनियादी ढाँचे को आम नागरिक की पहुँच से जोड़ने की कोशिश कर रही है। जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की धुरी माना जा रहा है।
किसानों का योगदान और सरकार की मंशा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों ने राज्य के विकास के लिए अपनी ज़मीन दी है और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सोच और नेतृत्व ने उनके सपनों को साकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ दोनों का सपना था कि एक आम आदमी भी हवाई यात्रा कर सके।
आगे क्या होगा
पहली उड़ान के लखनऊ पहुँचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों से सीधे संवाद करेंगे। यह आयोजन न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि सरकार के लिए यह संदेश देने का अवसर भी है कि बड़े बुनियादी ढाँचे की कीमत चुकाने वाले समुदायों को उसके फल में साझेदार बनाया जा रहा है।