31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान में किसान यात्री: जमीन दी, अब आसमान छुएंगे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेवर एयरपोर्ट की पहली उड़ान में किसान यात्री: जमीन दी, अब आसमान छुएंगे

सारांश

जिन किसानों ने जेवर एयरपोर्ट के लिए अपनी ज़मीन छोड़ी, वे अब उसी ज़मीन से उड़ने वाली पहली फ्लाइट में सवार होंगे। सोमवार सुबह 8 बजे लखनऊ के लिए यह उड़ान एक प्रतीकात्मक पड़ाव है — बलिदान से साझेदारी तक की यात्रा।

मुख्य बातें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से पहली उड़ान सोमवार सुबह 8 बजे लखनऊ के लिए भरेगी।
ज़मीन देने वाले किसान और एयरपोर्ट के कारण विस्थापित हुए लोग — जिनमें महिलाएँ भी शामिल हैं — इस उड़ान में यात्री बनेंगे।
जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इसे इतिहास में पहली बार बताया जब ज़मीन देने वाले किसान ही पहली फ्लाइट में बैठेंगे।
एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था।
लखनऊ पहुँचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों से सीधे संवाद करेंगे।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से सोमवार, 16 जून को सुबह 8 बजे उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट में वे किसान यात्री बनेंगे, जिन्होंने इस हवाई अड्डे के निर्माण के लिए अपनी हजारों एकड़ ज़मीन दी थी। यह पहली उड़ान सीधे लखनऊ जाएगी, जहाँ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन किसानों से मुलाकात करेंगे।

ऐतिहासिक क्षण: किसान से यात्री तक

जेवर के विधायक धीरेंद्र सिंह ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है कि एयरपोर्ट के लिए अपनी ज़मीन देने वाले किसान ही वहाँ से उड़ान भरने वाली पहली फ्लाइट का हिस्सा बनेंगे।' उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश के लोगों के सपनों और उम्मीदों की झलक बताया।

गौरतलब है कि इस पहली उड़ान में केवल ज़मीन देने वाले किसान ही नहीं, बल्कि वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें एयरपोर्ट निर्माण के कारण विस्थापित होना पड़ा था — इनमें महिला किसान भी शामिल हैं।

उद्घाटन से पहली उड़ान तक

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था। उद्घाटन के अवसर पर मोदी ने कहा था कि यह एयरपोर्ट 'विकसित उत्तर प्रदेश' की दिशा में राज्य की बड़ी प्रगति का प्रतीक बनेगा और युवाओं के सपनों को नई उड़ान देगा।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार बड़े बुनियादी ढाँचे को आम नागरिक की पहुँच से जोड़ने की कोशिश कर रही है। जेवर एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है और इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास की धुरी माना जा रहा है।

किसानों का योगदान और सरकार की मंशा

भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक धीरेंद्र सिंह ने कहा कि किसानों ने राज्य के विकास के लिए अपनी ज़मीन दी है और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की सोच और नेतृत्व ने उनके सपनों को साकार किया है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ दोनों का सपना था कि एक आम आदमी भी हवाई यात्रा कर सके।

आगे क्या होगा

पहली उड़ान के लखनऊ पहुँचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसानों से सीधे संवाद करेंगे। यह आयोजन न केवल एक प्रतीकात्मक कदम है, बल्कि सरकार के लिए यह संदेश देने का अवसर भी है कि बड़े बुनियादी ढाँचे की कीमत चुकाने वाले समुदायों को उसके फल में साझेदार बनाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह एक बार की फोटो-ऑप तक सिमट जाएगा। उत्तर प्रदेश में भूमि अधिग्रहण के पुराने मामले — विशेषकर यमुना एक्सप्रेसवे के किसानों के संघर्ष — यह याद दिलाते हैं कि प्रतीकात्मक सम्मान और ठोस हक में फ़र्क होता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से पहली उड़ान कब और कहाँ जाएगी?
पहली उड़ान सोमवार सुबह 8 बजे जेवर से लखनऊ के लिए रवाना होगी। यह नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पहली वाणिज्यिक उड़ान है।
किसानों को पहली फ्लाइट में क्यों शामिल किया गया?
जिन किसानों ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी ज़मीन दी और जो विस्थापित हुए, उन्हें पहली उड़ान में यात्री के रूप में सम्मानित किया गया है। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, इतिहास में शायद यह पहली बार है जब ज़मीन देने वाले किसान ही पहली फ्लाइट में सवार हो रहे हैं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन कब हुआ?
इस एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को किया था। उद्घाटन के समय उन्होंने इसे 'विकसित उत्तर प्रदेश' की दिशा में बड़ी प्रगति का प्रतीक बताया था।
लखनऊ पहुँचने पर किसानों से कौन मिलेगा?
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इन किसानों से सीधे संवाद करेंगे। यह आयोजन सरकार की ओर से किसानों के योगदान को मान्यता देने का प्रतीकात्मक प्रयास है।
क्या विस्थापित लोग भी इस उड़ान में शामिल हैं?
हाँ, केवल ज़मीन देने वाले किसान ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट निर्माण के कारण विस्थापित हुए लोग भी इस उड़ान में शामिल हैं — जिनमें महिलाएँ भी हैं। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस बात पर विशेष रूप से ज़ोर दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले