नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून को पहली उड़ान, 170 किसान भी करेंगे हवाई सफर
सारांश
मुख्य बातें
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 जून 2025 को यात्री विमान सेवा का ऐतिहासिक आगाज़ हो रहा है। इंडिगो एयरलाइंस की पहली फ्लाइट लखनऊ से सुबह 7:05 बजे टेकऑफ कर 8:05 बजे जेवर एयरपोर्ट पर उतरेगी। उत्तर प्रदेश के लिए यह दिन केवल एक नई हवाई पट्टी के उद्घाटन से कहीं अधिक है — यह उस ज़मीन के 170 किसानों की पहली हवाई उड़ान का भी दिन है, जिन्होंने इस एयरपोर्ट के लिए अपनी खेती की भूमि दी थी।
पहले दिन की उड़ान अनुसूची
पहले दिन कुल आठ उड़ानों का संचालन किया जाएगा, और सभी उड़ानें इंडिगो एयरलाइंस द्वारा संचालित होंगी। नोएडा एयरपोर्ट से पहली प्रस्थान उड़ान सुबह 8:35 बजे बेंगलुरु के लिए रवाना होगी। हैदराबाद से आने वाली फ्लाइट भी सुबह 8:35 बजे पहुँचेगी, और वापसी की उड़ान दोपहर 2:50 बजे रवाना होगी। अमृतसर के लिए दैनिक उड़ान सुबह 10:10 बजे उड़ान भरेगी, जबकि वहाँ से पहली फ्लाइट दोपहर 1:20 बजे नोएडा पहुँचेगी।
इस पहली उड़ान में केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री एवं अधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर के लगभग 70 कारोबारी भी इस ऐतिहासिक यात्रा का हिस्सा बनेंगे।
16 जून से और एयरलाइनें भी उतरेंगी
16 जून से इंडिगो द्वारा बेंगलुरु और जम्मू के लिए नियमित दैनिक उड़ानें शुरू होंगी। अकासा एयर भी बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए अपनी सेवाएँ प्रारंभ करेगी। भविष्य में बरेली, श्रीनगर, जयपुर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, चंडीगढ़, किशनगढ़ और देहरादून के लिए भी उड़ानें शुरू होने की संभावना है।
किसानों का भावनात्मक सफर
इस उद्घाटन का सबसे मार्मिक पहलू वे 170 किसान हैं, जिनकी ज़मीन पर यह एयरपोर्ट बना है। ये किसान सुबह 9 बजे नोएडा एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए उड़ान भरेंगे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर प्रदेश के विकास कार्यों के प्रति आभार व्यक्त करेंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में 20 महिला किसान भी शामिल हैं। दल का नेतृत्व जेवर विधायक धीरेन्द्र सिंह करेंगे।
विधायक धीरेन्द्र सिंह ने कहा, 'यह केवल गौतमबुद्ध नगर ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। किसानों के विश्वास, त्याग और सहयोग से ही यह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट साकार हो सका है।'
आम जनता और क्षेत्र पर असर
गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-NCR और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निर्भरता कम होगी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली एयरपोर्ट पर भीड़ और क्षमता की सीमाएँ लगातार चर्चा में रहती हैं।
आगे क्या होगा
एयरपोर्ट प्रबंधन ने पहले दिन के लिए व्यापक तैयारियाँ की हैं। आने वाले हफ्तों में और एयरलाइनों तथा नए मार्गों के जुड़ने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र को उत्तर भारत के एक प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम होगा।