30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू, जमीन देने वाले किसान पहली फ्लाइट से लखनऊ रवाना

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान सेवाएं शुरू, जमीन देने वाले किसान पहली फ्लाइट से लखनऊ रवाना

सारांश

जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो गईं — और पहली फ्लाइट में वे किसान सवार हुए जिन्होंने इसके लिए अपनी जमीन दी थी। यह सिर्फ एक एयरपोर्ट का उद्घाटन नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक नए युग की शुरुआत है।

मुख्य बातें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट , जेवर से 15 जून 2026 (सोमवार) को व्यावसायिक उड़ान सेवाएं शुरू हुईं।
पहले दिन कुल आठ उड़ानों का संचालन किया गया।
एयरपोर्ट के लिए जमीन देने वाले किसान इंडिगो की उद्घाटन उड़ान से लखनऊ रवाना हुए।
किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।
ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक की यात्रा 30 मिनट से कम में संभव, दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में काफी सुविधाजनक।

जेवर, ग्रेटर नोएडा स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार, 15 जून 2026 से व्यावसायिक उड़ान सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू हो गईं। पहले दिन कुल आठ उड़ानों का संचालन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान इंडिगो की उद्घाटन उड़ान से लखनऊ के लिए रवाना हुए, जहाँ वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे।

किसानों में उत्साह का माहौल

एयरपोर्ट परिसर में किसानों के बीच जश्न और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। एक किसान ने कहा, "हमारे इलाके में एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना है। हम सीएम योगी और पीएम मोदी का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। इससे इलाके का विकास होगा, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। यह देश और एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनेगा।"

एक अन्य किसान ने कहा, "हम इस पल का कई दिनों से इंतजार कर रहे थे। सीएम योगी, पीएम मोदी और हमारे स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह की लगातार कोशिशों से आखिरकार यह पल आ ही गया। आज यहाँ बहुत खुशी और जश्न का माहौल है, जैसे कोई त्योहार हो।" एक तीसरे किसान ने भावुक होते हुए कहा, "हमने इससे पहले कभी अपनी आँखों से विमान नहीं देखा था। हम किसान हैं और हमने इस उपलब्धि को हासिल करने में सरकार का सहयोग किया है।"

यात्रियों को मिली लंबे इंतजार से राहत

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के यात्रियों के लिए यह एयरपोर्ट एक बड़ी राहत लेकर आया है। बेंगलुरु जाने वाले एक यात्री ने कहा, "पहले हमें दिल्ली एयरपोर्ट जाना पड़ता था, जिसमें बहुत ज्यादा समय लगता था और ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या थी। अब ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक का सफर 30 मिनट से भी कम में हो जाता है।" एक अन्य यात्री ने बताया कि उन्हें एयरपोर्ट पहुँचने में महज 20-25 मिनट लगे और यहाँ कोई भीड़भाड़ नहीं थी।

गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट को एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक विकास को गति देने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सरकार और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका

किसानों और यात्रियों ने एक स्वर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह के प्रयासों की सराहना की। यह परियोजना उन किसानों के सहयोग के बिना संभव नहीं होती, जिन्होंने अपनी कृषि भूमि इस राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजना के लिए सौंपी। उन्हीं किसानों का पहली उड़ान में शामिल होना इस अवसर को प्रतीकात्मक रूप से और भी विशेष बनाता है।

आगे क्या

किसानों का प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेगा। उड़ान सेवाओं के विस्तार और नए मार्गों की घोषणा आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है। यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का एक व्यावहारिक विकल्प बनने की ओर अग्रसर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — कितने मार्ग, कितनी एयरलाइनें और कितनी किफायती दरें इसे आम यात्री की पहली पसंद बनाएंगी। जमीन देने वाले किसानों को पहली उड़ान में शामिल करना एक सुविचारित प्रतीकात्मक कदम है, पर यह भी देखना होगा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान जिन किसानों ने मुआवजे को लेकर आपत्तियाँ जताई थीं, उनकी स्थिति क्या है। दिल्ली-NCR के हवाई यातायात का दबाव कम करने की क्षमता इस एयरपोर्ट में है, बशर्ते कनेक्टिविटी — मेट्रो, बस और एक्सप्रेसवे — तेज़ी से पूरी हो।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कहाँ स्थित है और इसकी सेवाएं कब शुरू हुईं?
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेवर , ग्रेटर नोएडा में स्थित है और इसकी व्यावसायिक उड़ान सेवाएं 15 जून 2026 (सोमवार) से शुरू हुईं। पहले दिन कुल आठ उड़ानों का संचालन किया गया।
किसान पहली उड़ान से लखनऊ क्यों जा रहे हैं?
एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले किसान इंडिगो की उद्घाटन उड़ान से लखनऊ रवाना हुए, जहाँ वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे। यह इस ऐतिहासिक परियोजना में उनके योगदान को सम्मान देने का प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है।
जेवर एयरपोर्ट से दिल्ली एयरपोर्ट की तुलना में यात्रियों को क्या फायदा होगा?
ग्रेटर नोएडा और नोएडा के यात्रियों के लिए जेवर एयरपोर्ट तक की यात्रा 20-30 मिनट में संभव है, जबकि पहले दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ट्रैफिक जाम में घंटों लगते थे। एयरपोर्ट पर भीड़भाड़ भी अपेक्षाकृत कम बताई जा रही है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण में किन नेताओं की भूमिका रही?
किसानों और यात्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय विधायक धीरेंद्र सिंह के प्रयासों की सराहना की। इन नेताओं की पहल को इस परियोजना को साकार करने में निर्णायक माना जा रहा है।
क्या नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा?
किसानों और स्थानीय लोगों के अनुसार इस एयरपोर्ट को देश और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। हालाँकि, आधिकारिक क्षमता और विस्तार योजनाओं का पूरा विवरण आने वाले चरणों में सामने आएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले