नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनेगा भारत का पहला कार्गो-एमआरओ हब, CM योगी बोले — जेवर में अब 'कुबेर' भी आना चाहते हैं
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के लिए भूमि देने वाले 170 किसानों — जिनमें 28 महिलाएँ भी शामिल थीं — का भव्य स्वागत किया। ये किसान जेवर से लखनऊ के लिए संचालित पहली व्यावसायिक उड़ान से राजधानी पहुँचे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला कार्गो और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एवं ओवरहॉल) केंद्र बनने जा रहा है।
ऐतिहासिक दिन और पहली उड़ान
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज का दिन जेवर, गौतमबुद्ध नगर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और देश के एविएशन सेक्टर के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने इंडिगो के प्रति व्यावसायिक उड़ान आरंभ करने के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस उपलब्धि की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की है, जबकि इसका श्रेय भूमि देने वाले किसानों को जाता है। विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस पूरी प्रक्रिया में कड़ी जोड़ने का काम किया।
भूमि अधिग्रहण की कठिन राह
मुख्यमंत्री ने बताया कि जब कैबिनेट ने जेवर एयरपोर्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दी, तब उन्होंने 100 दिनों के भीतर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन समीक्षा बैठक में पता चला कि कोई प्रगति नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में लगभग 100 किसानों के साथ बैठक की, जहाँ किसानों ने शुरुआत में जमीन देने से इनकार कर दिया। उन्होंने किसानों को एक घंटे का समय दिया और कहा कि यह एयरपोर्ट उनकी तकदीर बदल देगा। अंततः किसानों ने भरोसा जताया और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) तथा उत्तर प्रदेश नागरिक उड्डयन विभाग ने युद्धस्तर पर कार्रवाई करते हुए 13,000 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण का कार्य आरंभ किया। एयरपोर्ट चार चरणों में बनेगा और पहले चरण की कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
किसानों को होगा सीधा आर्थिक लाभ
मुख्यमंत्री योगी ने कार्गो सुविधा के माध्यम से किसानों को होने वाले आर्थिक लाभ का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अन्न, फल, मत्स्य और सब्जियाँ उगाने वाले उत्तर प्रदेश के किसान इस कार्गो हब के ज़रिए अपने उत्पाद सीधे वैश्विक बाज़ार में पहुँचा सकेंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि स्थानीय बाज़ार में आम का दाम अधिकतम ₹50 प्रति किलो मिलता है, जबकि वैश्विक बाज़ार में यही आम ₹800 से ₹1,000 प्रति किलो तक बिकता है। ₹200 प्रति किलो कार्गो खर्च जोड़ने के बाद भी किसान को ₹600 प्रति किलो का शुद्ध लाभ मिल सकता है।
जेवर का बदलता चेहरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 साल पहले जेवर क्षेत्र आपराधिक गतिविधियों का केंद्र था — शाम होते ही आवागमन बंद हो जाता था, बेटियाँ असुरक्षित थीं और नौजवानों के सामने भविष्य का संकट था। आज वही जेवर बड़ी-बड़ी कंपनियों की पहली पसंद बन चुका है। उन्होंने कहा कि जेवर में अब 'कुबेर' भी आना चाहते हैं — यानी देश-विदेश के सबसे बड़े निवेशक इस क्षेत्र में अपना भविष्य देख रहे हैं।
आगे क्या होगा विकास
मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि जेवर क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट, सेमीकंडक्टर यूनिट, डेटा सेंटर, फिल्म सिटी, टॉय पार्क, अपैरल पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क तथा आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स की विश्वस्तरीय सिटी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, विश्व रैंकिंग में शामिल दुनिया के पाँच प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहाँ अपने कैंपस स्थापित करने के लिए आगे आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि उन्हें उनका पूरा हक मिलेगा — बिना किसी बिचौलिए के। जेवर की यह विकास यात्रा आने वाले वर्षों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आर्थिक तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।