नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान: राममोहन नायडू बोले — PM मोदी का विजन, CM योगी ने मिशन मोड में किया साकार
सारांश
मुख्य बातें
जेवर (ग्रेटर नोएडा), 15 जून 2026 — उत्तर प्रदेश के जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सोमवार को पहली नागरिक उड़ान का औपचारिक संचालन शुरू हो गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने इस अवसर को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन मोड क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष परिणाम है।
ऐतिहासिक पहली उड़ान और किसानों का सम्मान
पत्रकारों से बात करते हुए राममोहन नायडू ने कहा, 'आज बहुत खुशी का दिन है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली नागरिक फ्लाइट शुरू होने जा रही है।' उन्होंने इस अवसर की सबसे बड़ी विशेषता यह बताई कि जिन किसानों ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि और समर्थन दिया, वे सभी आज पहली उड़ान से लखनऊ जा रहे हैं। वहाँ प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका विशेष संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है।
मंत्री ने कहा, 'जिन किसानों ने इस परियोजना में अपनी भूमि और समर्थन दिया, मैं उन सभी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ।' यह आयोजन इस दृष्टि से भी उल्लेखनीय है कि बड़े बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण अक्सर किसानों के विरोध का कारण बनता है — जेवर में सहयोगात्मक दृष्टिकोण को एक मॉडल के रूप में पेश किया जा रहा है।
PM मोदी का विजन, CM योगी की कार्यशैली
नायडू ने स्पष्ट किया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट मूलतः प्रधानमंत्री मोदी की परिकल्पना थी — कि इस क्षेत्र में विश्व स्तरीय हवाई अड्डा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे मिशन मोड में पूरा किया। स्थानीय नेताओं ने भी किसानों को यह समझाने में भूमिका निभाई कि एयरपोर्ट से न केवल रोज़गार बढ़ेगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर भी मिलेंगे।
गौरतलब है कि जेवर एयरपोर्ट परियोजना वर्षों से चर्चा में थी और कई बार इसकी समयसीमा बदली। 15 जून 2026 को पहली उड़ान के साथ यह परियोजना अंततः परिचालन चरण में प्रवेश कर गई है।
क्षेत्र पर आर्थिक प्रभाव
मंत्री के अनुसार, एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि जहाँ भी एयरपोर्ट बनते हैं, वहाँ हज़ारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होते हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रमुख हब बनाने की योजना है, और इसे एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल किए जाने का लक्ष्य है।
विस्तार योजना और यात्री क्षमता
प्रारंभिक चरण में यह एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को सेवा देने में सक्षम होगा। आगे चरणबद्ध विस्तार के तहत टर्मिनल का आकार बढ़ाया जाएगा। फेज-4 तक वार्षिक यात्री क्षमता 7 करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही देश के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों के साथ बेहतर कनेक्टिविटी नेटवर्क विकसित करने की भी योजना है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत का विमानन क्षेत्र तेज़ी से विस्तार कर रहा है और दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्री भार पहले से ही अपनी क्षमता की सीमा को छू रहा है। नोएडा एयरपोर्ट इस दबाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।