जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: रोजगार और निवेश का नया द्वार बनेगा - राम मोहन नायडू
सारांश
Key Takeaways
- जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा।
- परियोजना की लागत लगभग 11,200 करोड़ रुपये है।
- चार किलोमीटर लंबा रनवे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सक्षम है।
- यह स्थानीय उद्योगों के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाएगा।
- यह हवाई अड्डा कई क्षेत्रों में अवसर पैदा करेगा।
नई दिल्ली, 28 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शनिवार को कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जेवर में रोजगार, निवेश और आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, जिससे न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि समस्त देश को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए नायडू ने इस अवसर को राष्ट्र के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह हवाई अड्डा क्षेत्र के विकास को तेजी से आगे बढ़ाएगा। यह न केवल जेवर, उत्तर प्रदेश या दिल्ली-एनसीआर के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक बहुत ही खुशी का समय है।
उन्होंने कहा कि नए हवाई अड्डे के जुड़ने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को एक नई ऊर्जा मिली है।
मंत्री ने बताया कि परियोजना के पहले चरण को लगभग 11,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया गया है, जिसमें चार किलोमीटर लंबा रनवे है, जो अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को संभालने में सक्षम है।
टर्मिनल के डिज़ाइन पर बात करते हुए, मंत्री ने कहा कि यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धरोहर को दर्शाता है, जो विकास को परंपरा से जोड़ने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
नायडू ने कहा कि इस परियोजना को एक एकीकृत 'एयरोट्रोपोलिस' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें कार्गो ढांचे का निर्माण भी होगा, जो स्थानीय स्तर पर निर्मित वस्तुओं को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
उन्होंने कहा कि पहले जेवर और उसके आस-पास के लोग नौकरी के लिए दिल्ली जाने को मजबूर होते थे। अब देश और दुनिया भर से लोग जेवर में रोजगार की तलाश में आएंगे।
मंत्री ने कहा कि यह हवाई अड्डा ग्राउंड हैंडलिंग, कार्गो, रखरखाव, सुरक्षा, आतिथ्य, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, पर्यटन और कृषि जैसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
उन्होंने हाल के वर्षों में हवाई संपर्क के विस्तार पर भी जोर दिया और कहा कि उड़ान योजना जैसी पहलों ने आम जनता के लिए हवाई यात्रा को और अधिक सुलभ बना दिया है, और यह क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने में सहायता करेगी।