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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान: 150 किसान लखनऊ रवाना, 1 लाख नौकरियों का लक्ष्य

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नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान: 150 किसान लखनऊ रवाना, 1 लाख नौकरियों का लक्ष्य

सारांश

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान महज़ एक विमान का उड़ान भरना नहीं थी — यह उन 150 किसानों की वापसी थी जिन्होंने अपनी ज़मीन दी, अब आसमान से अपने खेत देखने के लिए। 2021 में नींव से 2026 में संचालन तक, और 1 करोड़ से 22 करोड़ यात्रियों की क्षमता तक — यह एयरपोर्ट एनसीआर के भविष्य की सबसे बड़ी शर्त है।

मुख्य बातें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 को पहली व्यावसायिक उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई।
पहली उड़ान में 150 से अधिक किसान और स्थानीय विधायक शामिल हुए, जिन्होंने एयरपोर्ट के लिए भूमि दी थी।
एयरपोर्ट की प्रारंभिक क्षमता 1 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष; भविष्य में 22 करोड़ तक विस्तार की योजना।
परियोजना से लगभग 1 लाख नए रोज़गार सृजित होने का अनुमान।
एयरपोर्ट की नींव 2021 में रखी गई थी; रिकॉर्ड समय में निर्माण पूरा।
पूर्ण विकास के बाद यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 को औपचारिक रूप से व्यावसायिक उड़ान सेवाओं का आगाज़ हुआ, जब पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर 150 से अधिक किसान और क्षेत्र के स्थानीय विधायक भी सवार रहे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि सरकार को हस्तांतरित की थी।

उद्घाटन और मुख्य घटनाक्रम

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री बृजेश सिंह ने उद्घाटन समारोह में कहा कि लगभग दो महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एयरपोर्ट का लोकार्पण किया गया था और आज पहली व्यावसायिक उड़ान प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हुई है। उन्होंने इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के विकास की नई दिशा का प्रतीक बताया।

मंत्री बृजेश सिंह ने कहा, "यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढाँचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह उन किसानों के सहयोग और त्याग का प्रतीक भी है, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी भूमि सरकार को हस्तांतरित की।" उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के सबसे बड़े हकदार यहाँ के किसान हैं।

किसानों की भूमिका और भावनात्मक क्षण

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस अवसर को भावनात्मक और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जो किसान पहली बार हवाई यात्रा कर रहे हैं, वे आसमान से अपने उन्हीं खेतों को देखेंगे जो उन्होंने इस एयरपोर्ट के लिए दिए थे — यह उनके जीवन की एक नई अनुभूति होगी। उन्होंने जोड़ा कि पहले खेती ही क्षेत्र के लोगों का एकमात्र साधन था, लेकिन अब शिक्षा, रोज़गार और व्यवसाय के नए रास्ते खुल गए हैं।

गौरतलब है कि ये किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने और उन्हें धन्यवाद देने के उद्देश्य से लखनऊ रवाना हुए — जो इस पूरे आयोजन का एक विशेष पहलू रहा।

आर्थिक प्रभाव और रोज़गार

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना अथॉरिटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के संचालन से एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास होगा। इस परियोजना से लगभग 1 लाख नए रोज़गार सृजित होने और स्वरोज़गार के अवसर बढ़ने का अनुमान है।

राकेश कुमार सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की थी जिसमें चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सके। आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ज़रिए यह सपना सच हो रहा है।"

एयरपोर्ट की क्षमता और भविष्य की योजना

सीईओ के अनुसार, एयरपोर्ट की प्रारंभिक क्षमता लगभग 1 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर लगभग 22 करोड़ यात्री तक पहुँचाने की योजना है। पूर्ण रूप से विकसित होने पर यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस एयरपोर्ट की नींव वर्ष 2021 में रखी गई थी और इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार एनसीआर क्षेत्र को एक प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन इस दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि सत्यापित परिणाम। एयरपोर्ट परियोजनाओं में भूमि देने वाले किसानों के पुनर्वास और रोज़गार की गारंटी का इतिहास मिला-जुला रहा है। 22 करोड़ यात्री क्षमता का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी सफलता एनसीआर की कनेक्टिविटी और एयरलाइन नेटवर्क के विस्तार पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान कब और कहाँ के लिए रवाना हुई?
पहली व्यावसायिक उड़ान 15 जून 2026 को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस उड़ान में 150 से अधिक किसान और स्थानीय विधायक शामिल थे।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की यात्री क्षमता कितनी है?
एयरपोर्ट की प्रारंभिक क्षमता लगभग 1 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष है। यमुना अथॉरिटी के सीईओ के अनुसार, इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर लगभग 22 करोड़ यात्री तक पहुँचाने की योजना है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कितने रोज़गार मिलेंगे?
सरकारी अनुमान के अनुसार इस परियोजना से लगभग 1 लाख नए रोज़गार सृजित होंगे और स्वरोज़गार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह अनुमान एनसीआर क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि पर आधारित है।
किसानों ने नोएडा एयरपोर्ट में क्या भूमिका निभाई?
स्थानीय किसानों ने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि सरकार को हस्तांतरित की। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए पहली उड़ान में 150 से अधिक किसानों को विशेष रूप से शामिल किया गया।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण कब शुरू हुआ था?
एयरपोर्ट की नींव वर्ष 2021 में रखी गई थी। यमुना अथॉरिटी के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अनुसार, इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है और पूर्ण विकास के बाद यह एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल होगा।
राष्ट्र प्रेस
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