नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली उड़ान: 150 किसान लखनऊ रवाना, 1 लाख नौकरियों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 को औपचारिक रूप से व्यावसायिक उड़ान सेवाओं का आगाज़ हुआ, जब पहली उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई। इस ऐतिहासिक अवसर पर 150 से अधिक किसान और क्षेत्र के स्थानीय विधायक भी सवार रहे, जिन्होंने एयरपोर्ट निर्माण के लिए अपनी भूमि सरकार को हस्तांतरित की थी।
उद्घाटन और मुख्य घटनाक्रम
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री बृजेश सिंह ने उद्घाटन समारोह में कहा कि लगभग दो महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस एयरपोर्ट का लोकार्पण किया गया था और आज पहली व्यावसायिक उड़ान प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए रवाना हुई है। उन्होंने इस परियोजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के विकास की नई दिशा का प्रतीक बताया।
मंत्री बृजेश सिंह ने कहा, "यह एयरपोर्ट केवल एक बुनियादी ढाँचा परियोजना नहीं है, बल्कि यह उन किसानों के सहयोग और त्याग का प्रतीक भी है, जिन्होंने इस परियोजना के लिए अपनी भूमि सरकार को हस्तांतरित की।" उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के सबसे बड़े हकदार यहाँ के किसान हैं।
किसानों की भूमिका और भावनात्मक क्षण
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस अवसर को भावनात्मक और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि जो किसान पहली बार हवाई यात्रा कर रहे हैं, वे आसमान से अपने उन्हीं खेतों को देखेंगे जो उन्होंने इस एयरपोर्ट के लिए दिए थे — यह उनके जीवन की एक नई अनुभूति होगी। उन्होंने जोड़ा कि पहले खेती ही क्षेत्र के लोगों का एकमात्र साधन था, लेकिन अब शिक्षा, रोज़गार और व्यवसाय के नए रास्ते खुल गए हैं।
गौरतलब है कि ये किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने और उन्हें धन्यवाद देने के उद्देश्य से लखनऊ रवाना हुए — जो इस पूरे आयोजन का एक विशेष पहलू रहा।
आर्थिक प्रभाव और रोज़गार
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यमुना अथॉरिटी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के संचालन से एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर आर्थिक विकास होगा। इस परियोजना से लगभग 1 लाख नए रोज़गार सृजित होने और स्वरोज़गार के अवसर बढ़ने का अनुमान है।
राकेश कुमार सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने एक ऐसे भविष्य की कल्पना की थी जिसमें चप्पल पहनने वाला आम नागरिक भी हवाई यात्रा कर सके। आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ज़रिए यह सपना सच हो रहा है।"
एयरपोर्ट की क्षमता और भविष्य की योजना
सीईओ के अनुसार, एयरपोर्ट की प्रारंभिक क्षमता लगभग 1 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर लगभग 22 करोड़ यात्री तक पहुँचाने की योजना है। पूर्ण रूप से विकसित होने पर यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस एयरपोर्ट की नींव वर्ष 2021 में रखी गई थी और इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार एनसीआर क्षेत्र को एक प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन इस दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।