नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 15 जून को वाणिज्यिक उड़ानें शुरू, इंडिगो की पहली फ्लाइट लखनऊ से
सारांश
मुख्य बातें
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 15 जून 2025 को वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ होगा, जिसमें इंडिगो एयरलाइंस पहली लॉन्च कैरियर के रूप में उद्घाटन उड़ानों का संचालन करेगी। यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए एक नए एविएशन एवं लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित होने जा रहा है।
पहली उड़ान का कार्यक्रम
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, पहली उद्घाटन उड़ान संख्या 6ई-2278 सुबह 7:05 बजे लखनऊ से रवाना होकर 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँचेगी। इसके बाद यही विमान 8:35 बजे नोएडा से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरेगा और 11:05 बजे बेंगलुरु पहुँचेगा।
वापसी में उड़ान संख्या 6ई-2279 दोपहर 3:45 बजे बेंगलुरु से उड़ान भरकर शाम 6:20 बजे नोएडा पहुँचेगी। इसके बाद यह विमान शाम 6:55 बजे नोएडा से लखनऊ के लिए रवाना होगा और रात 8:00 बजे लखनऊ पहुँचेगा।
16 से अधिक शहरों से कनेक्टिविटी की योजना
इंडिगो ने घोषणा की है कि वह चरणबद्ध तरीके से जेवर एयरपोर्ट को देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ेगी। यह विस्तार योजना एयरपोर्ट को न केवल यात्री परिवहन बल्कि कार्गो और लॉजिस्टिक्स के लिए भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की दिशा में अहम कदम है।
उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की कड़ी
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की परिकल्पना के अनुरूप विकसित यह एयरपोर्ट राज्य के बदलते आर्थिक और औद्योगिक परिदृश्य का प्रतीक माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और औद्योगिक निवेश की श्रृंखला में जेवर एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित विकास मॉडल की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
गौरतलब है कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख एविएशन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में स्थापित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में निवेश का प्रवाह तेज़ हुआ है और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को राजनीतिक प्राथमिकता मिली है।
क्या होगा आगे
वाणिज्यिक उड़ानों के शुभारंभ के साथ ही जेवर एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के यात्रियों को एक वैकल्पिक और आधुनिक हवाई यात्रा विकल्प प्रदान करेगा। आने वाले महीनों में और एयरलाइंस तथा नए मार्गों के जुड़ने की संभावना है, जो इस एयरपोर्ट की क्षमता और कनेक्टिविटी को और विस्तार देगी।