चतरा में दुष्कर्म आरोपी की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या की, बचाने आए पिता को भी मारा — पुलिस जाँच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा जिले के टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव में 4 अगस्त को एक भीड़ ने दुष्कर्म के आरोपी युवक मोहम्मद इमरोज को लाठी-डंडों और पत्थरों से पीट-पीटकर मार डाला। बीच-बचाव करने पहुँचे उसके पिता को भी भीड़ ने निशाना बनाया और उनके साथ मारपीट की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और बड़ी संख्या में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
घटनाक्रम: कैसे हुई पूरी वारदात
अधिकारियों के अनुसार, गाँव की एक नाबालिग लड़की सोमवार की शाम घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान आरोपी इमरोज ने कथित तौर पर उसका अपहरण कर दुष्कर्म किया। मंगलवार को पीड़िता बदहवास हालत में घर लौटी और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी।
सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी के घर पहुँच गए। भीड़ ने इमरोज को घर से बाहर खींचकर लाठी-डंडों और पत्थरों से बेरहमी से पीटा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसे कुछ देर तक खंभे से बाँधकर भी रखा गया। बीच-बचाव के लिए आए उसके पिता को भी भीड़ ने नहीं छोड़ा और उनके साथ भी मारपीट की गई।
अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हुई मौत
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और काफी मशक्कत के बाद घायल इमरोज को भीड़ से छुड़ाया। उसे पहले टंडवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। हालाँकि, अस्पताल पहुँचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
अधिकारियों ने बताया कि घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भीड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुष्कर्म के आरोप की भी अलग से जाँच की जा रही है।
इलाके में तनाव, सुरक्षा बल तैनात
घटना के बाद बड़गांव और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पुलिस ने पूरे क्षेत्र में भारी संख्या में बल की तैनाती की है। गौरतलब है कि भीड़ द्वारा न्याय के नाम पर हिंसा की ऐसी घटनाएँ कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करती हैं — चाहे आरोप कितने भी संगीन क्यों न हों। पुलिस की जाँच दोनों मामलों — दुष्कर्म और मॉब लिंचिंग — में समानांतर रूप से जारी है।