क्या झारखंड नगर निकाय चुनाव में अनुसूचित जनजाति का मेयर होगा?

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क्या झारखंड नगर निकाय चुनाव में अनुसूचित जनजाति का मेयर होगा?

सारांश

झारखंड में नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसमें पहली बार पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया गया है। रांची में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है। जानिए चुनाव की पूरी जानकारी और कितने नगर निकायों में चुनाव हो रहे हैं।

मुख्य बातें

48 नगर निकायों में चुनाव हो रहे हैं।
मतदान की तिथि 23 फरवरी है।
महिलाओं के लिए कई पद आरक्षित हैं।
बैकवर्ड क्लास को पहली बार आरक्षण दिया गया है।
परिणाम 27 फरवरी को घोषित किए जाएंगे।

रांची, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के 48 नगर निकायों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी नगर निकायों में 23 फरवरी को एक साथ मतदान किया जाएगा, जबकि 27 फरवरी को मतगणना के बाद परिणामों की घोषणा होगी। राज्य में पहली बार नगर निकायों में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण प्रदान किया गया है।

आयोग की अधिसूचना के अनुसार, रांची में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है, जबकि धनबाद, देवघर और बोकारो नगर निगम में यह पद अनारक्षित रहेगा। पलामू और मानगो नगर निगम में मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है।

हजारीबाग नगर निगम में यह पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के लिए आरक्षित होगा। गिरिडीह नगर निगम में अनुसूचित जाति और आदित्यपुर नगर निगम में अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवार मेयर के पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे।

राज्य के 48 नगर निकायों में 13 ऐसे हैं जहां 2020 से चुनाव लंबित हैं, जबकि रांची सहित अन्य नगर निगम एवं निकायों में 2022 से चुनाव का इंतजार किया जा रहा है।

नगर परिषदों में गढ़वा, चतरा, दुमका, चाईबासा और कपाली में अध्यक्ष पद अनारक्षित हैं। विश्रामपुर, पाकुड़, मिहिजाम, चिरकुंडा और जुगसलाई में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

फुसरो नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति की महिला उम्मीदवार के लिए आरक्षित रहेगा। रामगढ़ और गुमला नगर परिषदों में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित किया गया है। मधुपुर नगर परिषद में अध्यक्ष पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है।

साहेबगंज नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है। लोहरदगा, सिमडेगा और चक्रधरपुर नगर परिषद में अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित होगा। गोड्डा नगर परिषद अत्यंत पिछड़ा वर्ग–I के लिए और झुमरीतिलैया नगर परिषद पिछड़ा वर्ग–II के लिए आरक्षित किया गया है।

राज्य में 19 नगर पंचायतों में से पांच मंझिआंव, छत्तरपुर, कोडरमा, धनवार और सरायकेला में अध्यक्ष का पद अनारक्षित होगा, यानी यहां किसी भी वर्ग का उम्मीदवार चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र होगा। श्री बंशीधरनगर, बड़की सरैया, बड़हरवा, बासुकीनाथ और जामताड़ा नगर पंचायत में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित होगा।

पलामू जिले की हरिहरगंज नगर पंचायत में अध्यक्ष का पद अनुसूचित जाति की महिला के लिए और खूंटी एवं चाकुलिया नगर पंचायत में यह पद अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। पलामू प्रमंडल की हुसैनाबाद नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए और लातेहार, महागामा एवं बुण्डू नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है।

साहेबगंज जिले की राजमहल नगर पंचायत का अध्यक्ष पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 और कोडरमा जिले की डोमचांच नगर पंचायत का अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग-2 के लिए आरक्षित किया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि चुनावी प्रक्रिया को भी अधिक समावेशी बनाने का प्रयास है। यह चुनाव राज्य के विकास में एक नई उम्मीद जगाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड में नगर निकाय चुनाव कब हो रहे हैं?
नगर निकाय चुनाव 23 फरवरी को होंगे और मतगणना 27 फरवरी को की जाएगी।
रांची में मेयर का पद किसके लिए आरक्षित है?
रांची में मेयर का पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है।
कितने नगर निकायों में चुनाव हो रहे हैं?
48 नगर निकायों में चुनाव हो रहे हैं।
क्या महिलाओं के लिए भी आरक्षण है?
हाँ, कई नगर निगमों में मेयर की सीटें और नगर परिषदों में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
आरक्षण का उद्देश्य क्या है?
आरक्षण का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समावेशिता को बढ़ावा देना है।
राष्ट्र प्रेस