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काजोल बर्थडे: डीडीएलजे की सिमरन से बिल्कुल अलग थी असली लव स्टोरी, अजय देवगन संग दोस्ती से शुरू हुआ सफर

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काजोल बर्थडे: डीडीएलजे की सिमरन से बिल्कुल अलग थी असली लव स्टोरी, अजय देवगन संग दोस्ती से शुरू हुआ सफर

सारांश

परदे पर सिमरन की फिल्मी मोहब्बत और असल जिंदगी में काजोल की प्रेम कहानी — दोनों में ज़मीन-आसमान का फर्क है। 'हलचल' के सेट पर शुरू हुई दोस्ती ने धीरे-धीरे प्यार की शक्ल ली और 24 फरवरी 1999 को शादी में बदली। यही बेबाक सच्चाई काजोल को सिमरन से अलग और ज़्यादा असली बनाती है।

मुख्य बातें

काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई में हुआ; माँ तनुजा अभिनेत्री और पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता थे।
1992 में 'बेखुदी' से डेब्यू; 1993 में 'बाजीगर' और 1995 में 'डीडीएलजे' से मिली असली पहचान।
काजोल और अजय देवगन की मुलाकात 'हलचल' के सेट पर हुई; दोनों उस वक्त किसी और को डेट कर रहे थे।
दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता प्यार में बदला और 24 फरवरी 1999 को दोनों ने शादी की।
काजोल को छह फिल्मफेयर पुरस्कार और 2011 में पद्म श्री से सम्मानित किया जा चुका है।

बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल आज 5 अगस्त 2025 को अपना जन्मदिन मना रही हैं। उनका नाम लेते ही जेहन में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की सिमरन की छवि उभर आती है — एक ऐसी लड़की जो प्यार के लिए परिवार और समाज की दीवारें पार करती है। लेकिन परदे की इस रूमानी कहानी से इतर, काजोल की असली जिंदगी की प्रेम कहानी बिल्कुल अलग रही। खुद काजोल ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया था कि उनका और अजय देवगन का रिश्ता किसी फिल्मी रोमांस की तरह नहीं, बल्कि धीरे-धीरे पकी दोस्ती और आपसी समझ की बुनियाद पर खड़ा हुआ।

फिल्मी परिवार से आई, पर रास्ता खुद चुना

काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई में हुआ। उनकी माँ तनुजा हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं, जबकि पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता थे। बचपन से फिल्मों का माहौल मिला, फिर भी काजोल ने खुद कभी नहीं सोचा था कि वह इस उद्योग की सबसे बड़ी अभिनेत्रियों में गिनी जाएंगी।

करियर का सफर: 'बेखुदी' से 'सलाम वेंकी' तक

काजोल ने 1992 में फिल्म 'बेखुदी' से बॉलीवुड में कदम रखा। पहली फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भले ही खास न चली हो, पर उनके अभिनय ने ध्यान खींचा। असली पहचान मिली 1993 में 'बाजीगर' से, जहाँ शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और वह रातोंरात स्टार बन गईं।

1995 में आई 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' ने उन्हें हिंदी सिनेमा की शीर्ष अभिनेत्रियों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। सिमरन के किरदार ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। इसके बाद 'कुछ कुछ होता है', 'कभी खुशी कभी गम', 'फना', 'माय नेम इज खान', 'करण अर्जुन', 'गुप्त' और 'सलाम वेंकी' समेत दर्जनों फिल्मों में उन्होंने यादगार भूमिकाएं निभाईं।

असली लव स्टोरी: पहली नज़र में प्यार नहीं, दोस्ती से शुरुआत

काजोल ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया था — 'जब मैं अजय से पहली बार मिली, तब ऐसा कोई फिल्मी पल नहीं हुआ था कि हम दोनों को पहली नजर में प्यार हो गया हो। हमारी मुलाकात फिल्म 'हलचल' के सेट पर हुई थी, उस समय हम दोनों अपनी-अपनी जिंदगी में किसी और को डेट कर रहे थे। शुरुआत में हमारा स्वभाव भी काफी अलग था। मैं बेहद बातूनी थी और अजय शांत रहने वाले इंसान थे।'

काजोल ने आगे कहा था — 'अजय से मेरी दोस्ती धीरे-धीरे बढ़ी और यही दोस्ती बाद में प्यार में बदल गई। मेरी जिंदगी 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' की सिमरन जैसी नहीं थी, जहाँ प्यार के लिए बड़े-बड़े फिल्मी मोड़ आते हैं। मेरा रिश्ता समय के साथ मजबूत हुआ और हम दोनों ने एक-दूसरे को समझते हुए शादी का फैसला किया।'

24 फरवरी 1999 को काजोल और अजय देवगन ने शादी की। शादी के बाद काजोल ने परिवार और करियर दोनों को बखूबी संभाला। वह दो बच्चों की माँ हैं।

पुरस्कार और सम्मान

काजोल को उनके बेमिसाल अभिनय के लिए छह फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। 1997 की फिल्म 'गुप्त' में उनके नकारात्मक किरदार को खूब सराहा गया और उसके लिए भी उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। 2011 में भारत सरकार ने उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से नवाज़ा।

आज भी काजोल अपनी बेबाक बात, ठहाकेदार हँसी और दमदार अभिनय के लिए बॉलीवुड की सबसे प्रिय अभिनेत्रियों में शुमार हैं — और यही उनकी असली पहचान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल काजोल उससे कहीं ज़्यादा जटिल और दिलचस्प हैं। यह भी गौरतलब है कि एक ऐसे युग में जब स्टार्स अपनी निजी जिंदगी को ब्रांड की तरह पेश करते हैं, काजोल ने अपनी प्रेम कहानी की सच्चाई — कि वह फिल्मी नहीं थी — बेझिझक स्वीकार की। पद्म श्री और छह फिल्मफेयर के बावजूद मुख्यधारा की कवरेज अक्सर उन्हें सिर्फ 'शाहरुख की हीरोइन' तक सीमित कर देती है, जबकि 'गुप्त' जैसे नकारात्मक किरदारों में उनकी रेंज कहीं अधिक चर्चा की हकदार है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काजोल का जन्मदिन कब है और उनका परिवार किससे जुड़ा है?
काजोल का जन्म 5 अगस्त 1974 को मुंबई में हुआ था। उनकी माँ तनुजा हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं और पिता शोमू मुखर्जी फिल्म निर्माता थे।
काजोल और अजय देवगन की लव स्टोरी कैसे शुरू हुई?
दोनों की पहली मुलाकात फिल्म 'हलचल' के सेट पर हुई थी, जब वे अलग-अलग लोगों को डेट कर रहे थे। काजोल के अनुसार उनके बीच पहले गहरी दोस्ती बनी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदली और 24 फरवरी 1999 को शादी में।
काजोल की पहली फिल्म कौन सी थी और उन्हें पहचान कब मिली?
काजोल ने 1992 में 'बेखुदी' से बॉलीवुड में डेब्यू किया। असली पहचान 1993 में 'बाजीगर' और फिर 1995 में 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' से मिली।
काजोल को कौन-कौन से बड़े पुरस्कार मिले हैं?
काजोल को अब तक छह फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें 1997 की फिल्म 'गुप्त' के नकारात्मक किरदार के लिए भी एक शामिल है। 2011 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री से सम्मानित किया।
क्या काजोल की असली जिंदगी डीडीएलजे की सिमरन जैसी थी?
नहीं। काजोल ने खुद एक इंटरव्यू में बताया कि उनकी और अजय देवगन की प्रेम कहानी में कोई फिल्मी मोड़ नहीं था। यह रिश्ता दोस्ती और आपसी समझ से धीरे-धीरे विकसित हुआ, सिमरन की तरह नाटकीय नहीं था।
राष्ट्र प्रेस
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