कन्हैया कुमार ने गुजरातियों को घुसपैठिया कहा, मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर विवाद बढ़ा
सारांश
Key Takeaways
- कन्हैया कुमार का गुजरातियों को घुसपैठिया कहना विवाद का कारण बना।
- मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान पहले ही विवादित था।
- सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया तेज़ी से आई है।
नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा गुजरातियों की शिक्षा पर किए गए बयान के बाद विवाद थमने से पहले ही, पार्टी के नेता कन्हैया कुमार ने गुजरातियों को घुसपैठिया जैसे शब्दों से संबोधित कर मामले को और बढ़ा दिया है। उन्होंने चुनावी राज्यों से गुजरातियों को बाहर करने की बात की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक प्रसिद्ध हैंडल 'पॉलिटिकल किडा' द्वारा साझा किया गया 14-सेकंड का वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें असम के बोंगाईगांव से कन्हैया कुमार का यह बयान शामिल है। वीडियो में उन्हें असम चुनावों से पहले आयोजित रैली में गुजरातियों का अपमान करते हुए दिखाया गया है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि कन्हैया कुमार सभा को संबोधित करते हुए कह रहे हैं, "अगर असम में सिर्फ सरकार बदलना होता तो हम इतनी मेहनत से नहीं लड़ रहे होते। यह चुनाव केवल सरकार नहीं, अहोम संस्कृति को बदलने का चुनाव है। यह बात सबको ध्यान में रखनी चाहिए। जब पत्रकारों ने मुझसे विधानसभा चुनावों में घुसपैठियों के मुद्दे पर पूछा तो मैंने कहा, 'सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है। जनता को उसे हिमंता बिस्वा सरमा के साथ राज्य से निकाल देना चाहिए।'
उन्होंने आगे कहा कि इस समय राज्य में हर जगह चोरी हो रही है। अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है, जिसे रोकना बहुत जरूरी है। असम के मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग स्थानीय धन को लेकर विदेशों में अपने परिवारों के नाम पर रख रहे हैं, जिससे जनता को परेशानी हो रही है। अब भाजपा को मुद्दों से भटकाने का काम नहीं करना चाहिए।
हालांकि कन्हैया ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियां गुजरात के भाजपा नेताओं की ओर इशारा करती थीं।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद को नुकसान पहुँचाने में माहिर है। एक उपयोगकर्ता ने कहा कि असली घुसपैठियों को बेनकाब करने के बजाय, वे अपने ही नागरिकों को घुसपैठिया बता रहे हैं। दूसरे ने कहा कि इस तरह पार्टी को किसी दुश्मन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
गौरतलब है कि असम में एक उच्च-स्तरीय चुनावी अभियान का केंद्र अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ-साथ भाजपा ने भी दोहराया कि अवैध घुसपैठिए राज्य की जनसांख्यिकी के लिए खतरा हैं। हाल ही में मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान ने भाजपा हलकों में भारी आक्रोश उत्पन्न किया। कई लोगों ने बयान वापस लेने की मांग की, साथ ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से माफी मांगने की भी अपील की। इसके बाद खड़गे ने माफी मांग ली। विधानसभा चुनावों में अपने बयान के संभावित नकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखते हुए खड़गे ने कहा कि उनके शब्दों की जानबूझकर गलत व्याख्या की गई थी।