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क्या करूर भगदड़ मामले की सीबीआई जांच की समीक्षा कर रही है सुप्रीम कोर्ट की समिति?

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क्या करूर भगदड़ मामले की सीबीआई जांच की समीक्षा कर रही है सुप्रीम कोर्ट की समिति?

सारांश

तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ मामले की सीबीआई जांच की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति द्वारा की जा रही है। इस घटना में 41 लोगों की मृत्यु हुई थी। जानें इस तीन दिवसीय समीक्षा प्रक्रिया में क्या हो रहा है।

मुख्य बातें

करूर में भगदड़ की घटना में 41 लोगों की जान गई।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के लिए समिति का गठन किया।
जांच टीम घटना के वीडियो और गवाहों के बयानों का विश्लेषण कर रही है।
समिति मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेगी।
शासन ने राहत उपायों और मुआवजे की जानकारी दी है।

करूर, 2 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को हुई भगदड़ की सीबीआई जांच की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त समिति ने मंगलवार से तीन दिवसीय समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी। इस हादसे में 41 लोगों की जान गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। यह भगदड़ अभिनेता एवं टीवीके नेता विजय की रैली के दौरान हुई थी।

समिति के अध्यक्ष सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस अजय रस्तोगी मंगलवार सुबह लगभग 10 बजे सार्वजनिक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस पहुंचे। उनके साथ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सोनल मिश्रा और सुमित सरन भी मौजूद रहे। यही गेस्ट हाउस फिलहाल सीबीआई के अस्थायी संचालन केंद्र के रूप में उपयोग किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले पुलिस की एसआईटी जांच को रोकते हुए यह मामला सीबीआई को सौंपा था और जांच की प्रत्यक्ष निगरानी के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। पूर्व एसआईटी प्रमुख, आईजी पुलिस आसरा गर्ग के नेतृत्व में जांच चल रही थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्थगित कर दिया गया।

सीबीआई की जांच टीम गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी प्रवीन कुमार के नेतृत्व में कई दिनों से करूर में तैनात है। अधिकारी भीड़ के आने-जाने के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षाकर्मियों की रिपोर्ट और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर घटनाक्रम को मिनट-टू-मिनट रिक्रिएट करने में जुटे हैं।

जस्टिस रस्तोगी ने मंगलवार को एक बैठक में अब तक की जांच प्रगति की समीक्षा की और अगले चरण की दिशा तय करने के लिए निर्देश दिए। इससे पहले सोमवार को सीबीआई के उप महानिरीक्षक अतुल कुमार ठाकुर ने गेस्ट हाउस में चर्चा के बाद भगदड़ स्थल का निरीक्षण किया और भीड़ प्रवाह व आपात प्रतिक्रिया में चिन्हित महत्वपूर्ण बिंदुओं का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया।

समिति बुधवार और गुरुवार को मृतकों के परिजनों और घायलों से मुलाकात करेगी। इन बातचीतों का उद्देश्य शिकायतों को दर्ज करना, अतिरिक्त प्रत्यक्षदर्शी विवरण जुटाना और कथित लापरवाहियों जैसे भीड़ नियंत्रण, कार्यक्रम समन्वय तथा सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ी चिंताओं को समझना होगा। राजनीतिक दलों और आम जनता के प्रतिनिधियों को भी समिति के सामने ज्ञापन सौंपने की संभावना है।

प्रशासनिक स्तर पर जिला कलेक्टर एम थंगावेल और आरडीओ मोहम्‍मद फैजल ने समिति का स्वागत किया और मुआवजा वितरण, राहत उपायों तथा हादसे के बाद लागू की गई नई सुरक्षा प्रोटोकॉल पर विस्तृत जानकारी दी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार जस्टिस रस्तोगी समीक्षा कार्य पूरा करने के बाद 4 दिसंबर को करूर से रवाना होंगे और कोयंबटूर से वापस लौटेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुरक्षा उपायों की कमी और राजनीतिक आयोजनों के दौरान जन सुरक्षा का मुद्दा उठता है। हमें इस तरह की घटनाओं से सबक लेना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगदड़ की घटना कब हुई थी?
भगदड़ की घटना 27 सितंबर को करूर में हुई थी।
इस भगदड़ में कितने लोग प्रभावित हुए?
इस घटना में 41 लोगों की जान गई थी और कई अन्य घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में क्या निर्णय लिया?
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सीबीआई को सौंपा और एक उच्च स्तरीय समिति गठित की।
सीबीआई की जांच कैसे चल रही है?
सीबीआई की जांच टीम विभिन्न वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है।
समिति कब तक कार्यरत रहेगी?
समिति तीन दिनों तक कार्यरत रहेगी और मृतकों के परिजनों से बातचीत करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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