क्या केरल के शिक्षा मंत्री शिवनकुट्टी ने सीपीआई कार्यालय का दौरा कर 'पीएम-श्री' योजना पर तनाव कम किया?
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तिरुवनंतपुरम, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने शनिवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्य कार्यालय का दौरा किया।
यह दौरा केंद्र सरकार की 'पीएम-श्री' शिक्षा योजना में केरल के शामिल होने को लेकर सत्तारूढ़ सीपीआईएम और गठबंधन सहयोगी सीपीआई के बीच तनाव को कम करने की कोशिश का एक महत्वपूर्ण भाग था। इस बैठक के माध्यम से दोनों दलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया गया।
शिक्षा मंत्री के कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, शिवनकुट्टी ने सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जी. आर. अनिल से बातचीत की। उन्होंने केंद्र सरकार के साथ 'पीएम-श्री' योजना के तहत समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया के साथ-साथ इसकी आवश्यकताओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना में शामिल होने से केरल को शिक्षा के क्षेत्र में केंद्रीय निधि प्राप्त होगी, जो स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार में सहायक होगी।
यह दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सीपीआई ने पहले 'पीएम-श्री' योजना में शामिल होने पर आपत्ति जताई थी। पार्टी का मानना था कि यह योजना केंद्र सरकार की ओर से राज्यों पर अपनी नीतियां थोपने का प्रयास है। हालाँकि, सीपीआईएम ने इस योजना को स्वीकार करने का निर्णय लिया, जिसके बाद गठबंधन में मतभेद उभर गए।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि यह समझौता राज्य के हित में है और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए केंद्र से मिलने वाली निधि का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। इस मुलाकात के बाद सीपीआई नेताओं ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। शिक्षा विभाग ने कहा कि इस योजना से केरल के सरकारी स्कूलों में सुविधाएं बढ़ेंगी। यह कदम गठबंधन की एकता और शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।