एनसीआर में तापमान में वृद्धि के साथ तेज हवाओं की संभावना; कई स्थानों पर एक्यूआई गंभीर श्रेणी में
सारांश
Key Takeaways
- एनसीआर में तापमान में वृद्धि की संभावना है।
- एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुँच चुका है।
- तेज हवाएं प्रदूषण को कम करने में मदद कर सकती हैं।
नोएडा, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का मौसम अब धीरे-धीरे बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में क्रमिक वृद्धि देखने को मिलेगी।
हालांकि, दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। इसके बावजूद, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) एक बार फिर गंभीर से अति गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ता नजर आ रहा है, जिससे आम जनता की चिंता बढ़ी हुई है।
आईएमडी के मुताबिक, २५ फरवरी को अधिकतम तापमान ३० डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम १३ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। २६ फरवरी को अधिकतम तापमान ३१ डिग्री और न्यूनतम १४ डिग्री रहने का अनुमान है। वहीं, २७ फरवरी को अधिकतम तापमान ३२ डिग्री और न्यूनतम १५ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
२५ और २६ फरवरी को दिन में तेज सतही हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। २७ फरवरी को हल्की धुंध (मिस्ट) का पूर्वानुमान है। फिलहाल किसी भी दिन के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
दिल्ली के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर एक्यूआई गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। आनंद विहार में एक्यूआई ३४२ दर्ज किया गया, जो अति गंभीर श्रेणी में है। अलीपुर में २५६, अशोक विहार में २५८, बवाना में २७९, बुराड़ी क्रॉसिंग में २६५, चांदनी चौक में २७५, सीआरआरआई मथुरा रोड में २२१, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में २१९, डीटीयू में २२९ और आया नगर में १९२ (मध्यम से खराब श्रेणी के करीब) एक्यूआई दर्ज किया गया है।
नोएडा के सेक्टर-१२५ में एक्यूआई २४४, सेक्टर-६२ में २२७, सेक्टर-१ में २०६ और सेक्टर-११६ में २२२ दर्ज किया गया। जबकि गाजियाबाद के इंदिरापुरम में २८३, लोनी में २८९, संजय नगर में २०४ और वसुंधरा में २८१ एक्यूआई दर्ज हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में वृद्धि और स्थानीय प्रदूषण स्रोतों के कारण हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। हालांकि तेज हवाएं कुछ हद तक राहत दे सकती हैं, लेकिन फिलहाल एनसीआर के निवासियों को प्रदूषण से सावधान रहने की आवश्यकता है।