क्या केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी को और समय दिया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी को और समय दिया?

सारांश

केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी को और 6 हफ्ते का समय दिया है। यह निर्णय जांच की प्रगति को देखते हुए लिया गया है। क्या एसआईटी नए अधिकारियों को शामिल कर पाएगी?

मुख्य बातें

केरल हाई कोर्ट ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में एसआईटी को 6 हफ्ते का समय दिया।
विजयकुमार को गिरफ्तार किया था।
विरोध प्रदर्शनों के बीच नए अधिकारियों को शामिल नहीं किया जाएगा।
अनिवासी कारोबारी ने जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
एसआईटी लापता कलाकृतियों की कड़ी को जोड़ने की योजना बना रही है।

कोचि, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल हाईकोर्ट ने सबरीमाला सोना चोरी मामले में क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को अपनी जांच के लिए 6 हफ्ते का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। हाई कोर्ट की देवास्वोम बेंच ने एसआईटी की जांच में की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है।

हाईकोर्ट ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो एसआईटी अपनी जांच में नए अधिकारियों को शामिल कर सकती है। हालांकि, राज्य में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, एसआईटी ने नए नियुक्त अधिकारियों को जांच में शामिल नहीं करने का निर्णय लिया है, क्योंकि आरोप है कि ये अधिकारी वामपंथी विचारधारा के थे जो विपक्षी पार्टियों को स्वीकार्य नहीं थे।

गौरतलब है कि सबरीमाला सोना चोरी मामले में केरल क्राइम ब्रांच की विशेष जांच टीम ने पूर्व त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ माकपा (सीपीआई-एम) कार्यकर्ता एन. विजयकुमार को गिरफ्तार किया है। विजयकुमार पहले भी पार्टी समर्थित राज्य स्तरीय सरकारी कर्मचारी संगठन के शीर्ष पदाधिकारी रह चुके हैं।

विजयकुमार को तिरुवनंतपुरम स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में विस्तृत पूछताछ के बाद हिरासत में लिया गया था, जिसके बाद उनकी औपचारिक गिरफ्तारी की गई। वह उस समय देवस्वोम बोर्ड के सदस्य थे जब ए. पद्मकुमार बोर्ड के अध्यक्ष थे।

एसआईटी ने पहले विजयकुमार को नोटिस जारी किया था, लेकिन वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए। बाद में उन्हें सीधे हिरासत में लिया गया। उनके वकील के अनुसार, विजयकुमार खुद को निर्दोष साबित करना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने एसआईटी के सामने पेश होने का निर्णय लिया था।

इस बीच, मामले में एक नया मोड़ तब आया जब एक अनिवासी कारोबारी ने जांचकर्ताओं को बताया कि सबरीमाला मंदिर की कलाकृतियों से जुड़ा एक लेन-देन आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी और D. मणि के बीच हुआ था। कारोबारी को आशंका है कि ये कलाकृतियां विदेश तस्करी के जरिए भेजी गई होंगी।

कारोबारी ने बताया कि शुरुआत में उनसे तिरुवनंतपुरम में इस सौदे के लिए संपर्क किया गया था, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

एसआईटी अब कई लोगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि सबरीमाला से कथित तौर पर बाहर ले जाए गए पंचधातु की मूर्तियों समेत लापता कलाकृतियों की कड़ी को जोड़ा जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीति और सामाजिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। देशभर में इस मामले पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, और यह देखने वाली बात होगी कि एसआईटी अपनी जांच में किस प्रकार की प्रगति करती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबरीमाला सोना चोरी मामला क्या है?
यह मामला सबरीमाला मंदिर से सोने की कलाकृतियों की चोरी से संबंधित है।
केरल हाई कोर्ट ने एसआईटी को कितना समय दिया?
केरल हाई कोर्ट ने एसआईटी को 6 हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया है।
कौन है एन. विजयकुमार?
एन. विजयकुमार पूर्व त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ माकपा कार्यकर्ता हैं।
एसआईटी की अगली योजना क्या है?
एसआईटी कई लोगों से पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
क्या नए अधिकारियों को जांच में शामिल किया जाएगा?
हाई कोर्ट ने कहा है कि आवश्यक होने पर नए अधिकारियों को शामिल किया जा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले