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क्या जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक लगाई गई?

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क्या जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक लगाई गई?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में कोकरनाग के ऊंचे इलाकों में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा कारणों से यह निर्णय लिया गया है। जानिए इसके पीछे क्या कारण हैं और इससे स्थानीय लोगों पर क्या असर पड़ेगा।

मुख्य बातें

कोकरनाग में ट्रैकिंग, कैंपिंग और हाइकिंग पर रोक सुरक्षा कारणों से लिया गया निर्णय आदेश का प्रभाव दो महीने तक रहेगा लोगों को आदेश का पालन करने के लिए कहा गया है आतंकवाद विरोधी अभियान से संबंधित सुरक्षा चिंताएं

श्रीनगर, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में अधिकारियों ने शुक्रवार को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कोकरनाग के ऊंचे इलाकों और जंगलों में ट्रैकिंग, कैंपिंग, हाइकिंग और इसी तरह की बाहरी गतिविधियों पर रोक लगा दी।

कोकरनाग एसडीएम द्वारा जारी आदेश में हाल की घटनाओं का जिक्र किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ व्यक्तियों ने रात के समय नाका/चेकपॉइंट को पार करने की कोशिश की, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा से संबंधित गंभीर चिंताएं उत्पन्न हुई हैं। यह भी संज्ञान में लिया गया है कि मार्गन टॉप, चौहर नाग और सिंथन टॉप क्षेत्रों में बिना रोक-टोक आवाजाही और ट्रैकिंग, कैंपिंग, हाइकिंग और इसी तरह की गतिविधियों से सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

आदेश में कहा गया है कि मैं प्रिंस कुमार, कोकरनाग सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत मिले अधिकारों का उपयोग करते हुए यह आदेश देता हूं कि मार्गन टॉप, चौहर नाग और सिंथन टॉप के क्षेत्र में ट्रैकिंग, कैंपिंग, हाइकिंग और अन्य सभी इसी तरह की बाहरी गतिविधियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाई जाती है।

एसडीएम द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लरनू स्टेशन हाउस ऑफिसर इस आदेश को कड़ाई से लागू करने के लिए जिम्मेदार होंगे और नाका/चेकपॉइंट पर आवाजाही को नियंत्रित करेंगे। आम जनता को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया है। किसी भी उल्लंघन की स्थिति में कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

आदेश में आगे कहा गया है कि यह आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक लागू रहेगा, जब तक कि इसे पहले वापस न लिया जाए या कानून के अनुसार बढ़ाया न जाए।

यह आदेश ऐसे समय में आया है जब जम्मू डिवीजन के पुंछ, राजौरी और किश्तवाड़ जिलों के ऊपरी क्षेत्रों में जॉइंट सुरक्षा बल बड़े पैमाने पर आतंकवाद विरोधी अभियान चला रहे हैं। यह घाटी कोकरनाग क्षेत्र में सिंथन टॉप के माध्यम से किश्तवाड़ जिले से जुड़ी हुई है।

ये जॉइंट ऑपरेशन आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और सहयोगियों को निशाना बना रहे हैं। इस समन्वित तरीके का उद्देश्य केवल बंदूक चलाने वाले आतंकवादियों के पीछे जाने के बजाय आतंकवाद के संपूर्ण समर्थन प्रणाली को समाप्त करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सभी नागरिकों को सरकारी आदेशों का सम्मान करना चाहिए, लेकिन स्थानीय संसाधनों और रोजगार के मुद्दों पर भी विचार किया जाना चाहिए।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोकरनाग में ट्रैकिंग पर रोक क्यों लगाई गई?
सुरक्षा कारणों से लोगों ने नाका/चेकपॉइंट को पार करने की कोशिश की थी, जिससे सुरक्षा चिंताएं उत्पन्न हुईं।
यह रोक कब तक लागू रहेगी?
यह आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक लागू रहेगा।
क्या इस आदेश का उल्लंघन करने पर कोई कार्रवाई होगी?
हां, किसी भी उल्लंघन पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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