कोलकाता पुलिस ने तृणमूल उम्मीदवार रत्ना चटर्जी को भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप में नोटिस भेजा

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कोलकाता पुलिस ने तृणमूल उम्मीदवार रत्ना चटर्जी को भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ के आरोप में नोटिस भेजा

सारांश

कोलकाता पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस की विधायक रत्ना चटर्जी को भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ के मामले में नोटिस जारी किया है। चुनावी आचार संहिता के तहत यह कार्रवाई की गई है। जानिए पूरी कहानी!

Key Takeaways

  • रत्ना चटर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया गया है।
  • भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप है।
  • चुनावी आचार संहिता लागू है।
  • भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच तनाव बढ़ा है।
  • चटर्जी ने पहले भी चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कोलकाता, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कोलकाता पुलिस ने सोमवार शाम तृणमूल कांग्रेस की विधायक रत्ना चटर्जी को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। रत्ना चटर्जी इस बार भी पार्टी की उम्मीदवार हैं। उन पर कोलकाता के दक्षिणी बाहरी इलाके में स्थित बेहाला (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय कार्यालय में तोड़फोड़ का आरोप लगा है।

इसके पहले दिन भाजपा की शिकायत के बाद बेहाला (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थानीय परनाश्री पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की गई थी।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के निर्देशों के अनुसार एफआईआर दर्ज की गई है, क्योंकि इस महीने के अंत में होने वाले महत्वपूर्ण दो चरणों के विधानसभा चुनावों के चलते आचार संहिता (एमसीसी) लागू है।

पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई ने इससे पहले ईसीआई से शिकायत की थी कि चटर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों ने रविवार रात बेहाला (पश्चिम) में एक स्थानीय भाजपा कार्यालय पर बिना किसी उकसावे के हमला किया, जिसके चलते सोमवार तड़के तक क्षेत्र में तनाव बना रहा।

इस घटना के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस समर्थकों के बीच झड़पें हुईं। बेहाला (पश्चिम) विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार इंद्रनील खान भी उस समय मौके पर मौजूद थे।

बाद में, उनके नेतृत्व में भाजपा समर्थकों ने स्थानीय परनाश्री पुलिस स्टेशन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया और चटर्जी के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

भाजपा ने इस मामले को मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय और आयोग के संज्ञान में भी लाया, जिसके बाद चुनाव आयोग के निर्देशों के अनुसार चटर्जी के खिलाफ पहली एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया।

हालांकि चटर्जी पड़ोसी बेहाला (पुरबा) निर्वाचन क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की निवर्तमान विधायक हैं, लेकिन इस बार पार्टी ने उन्हें बेहाला (पश्चिम) से मनोनीत किया है, जहाँ पहले पांच बार पार्टी के विधायक रह चुके पश्चिम बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व महासचिव पार्थ चटर्जी थे।

इस बार तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें पुनर्नामांकन देने से इनकार कर दिया क्योंकि वे करोड़ों रुपए के स्कूल में नौकरी दिलाने के बदले रिश्वत के मामले में संलिप्त थे, जिसके लिए वे तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहे और वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

रत्ना चटर्जी पर क्या आरोप हैं?
उन पर भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप है।
कोलकाता पुलिस ने क्यों नोटिस भेजा?
आचार संहिता के तहत पूछताछ के लिए पुलिस ने नोटिस भेजा है।
इस घटना से चुनाव पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह घटना चुनावी माहौल को और गरमा सकती है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है।
चटर्जी का राजनीतिक इतिहास क्या है?
वे तृणमूल कांग्रेस की विधायक हैं और इस बार बेहाला (पश्चिम) से उम्मीदवार हैं।
भाजपा ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
भाजपा ने चुनाव आयोग में शिकायत की थी और चटर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
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