क्या पीएम मोदी का धन्यवाद करते हैं भगत सिंह कोश्यारी?
सारांश
Key Takeaways
- भगत सिंह कोश्यारी का पद्म भूषण सम्मान सामाजिक सेवा का प्रतीक है।
- पीएम मोदी का धन्यवाद करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है।
- जीवन में उतार-चढ़ाव को सामान्य मानना चाहिए।
- शिवसेना का विरोध कोश्यारी ने टाला।
- उत्तराखंड के विकास में कोश्यारी का योगदान महत्वपूर्ण है।
लखनऊ, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पद्म भूषण मिलने पर दिल से धन्यवाद दिया है। लखनऊ में राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब कोई किसी को सम्मानित करता है, तो उसका आदर करना चाहिए। पीएम मोदी ने मुझे यह सम्मान दिया है, जो कि एक महान उपलब्धि है। मैं इसके लिए उन्हें आभार व्यक्त करता हूँ।
उन्होंने अपने जीवन के उतार-चढ़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि हम पहाड़ी लोग हैं। मेरा बचपन हमेशा चढ़ाई और उतराई में बीता है। चाहे स्कूल जाना हो या कॉलेज, या फिर जंगल में घास काटना हो, यह सब हमारे जीवन का हिस्सा है। इसलिए मैंने कभी भी इन उतार-चढ़ाव को असामान्य नहीं समझा। बस आगे बढ़ते रहना चाहिए।
जब उनसे शिवसेना (यूबीटी) द्वारा पद्म भूषण पर उठाए गए सवालों का जवाब मांगा गया, तो उन्होंने कहा, "इसका मैं कैसे जवाब दे सकता हूँ? अगर उन्हें मेरे पुरस्कार से कष्ट है, तो इसका सही उत्तर वे ही दे सकते हैं।"
इससे पहले, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंडवासियों के लिए गौरव का विषय है। उनका जीवन हमेशा सादगी, सिद्धांतों, राष्ट्रसेवा, और समाजहित के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने हमेशा जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और उत्तराखंड तथा देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका जीवन संघर्ष और अनुशासन का प्रेरणादायी उदाहरण है।