पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की CM योगी की तारीफ, यूपी को ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के संकल्प को सराहा
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने 14 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के लोकभवन सभागार में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में सुशासन और विकास कार्यों को नई दिशा मिली है। उन्होंने प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बेहतरी और बुनियादी ढाँचे के विस्तार की विशेष सराहना की।
आत्मकथा विमोचन का अवसर
कोविंद लोकभवन सभागार में अपनी आत्मकथा 'भारतीय गणतंत्र की विजयगाथा: मेरा जीवन, मेरा संघर्ष' के हिंदी संस्करण के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर को अपने लिए 'भावनात्मक' बताया, क्योंकि उत्तर प्रदेश उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों है। उन्होंने बताया कि यही वह प्रदेश है जहाँ उन्होंने जन्म लिया, शिक्षा प्राप्त की और अपने सार्वजनिक जीवन की नींव रखी।
यूपी के विकास पर कोविंद का मूल्यांकन
कोविंद ने कहा कि एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे और मेट्रो जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश में आवागमन सुगम हुआ है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गरीब परिवारों तक लाभ पहुँच रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प की भी प्रशंसा की और इसे प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बताया।
भाजपा और समावेशी राजनीति पर विचार
पूर्व राष्ट्रपति ने राजनीति के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनने का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि इस पार्टी में 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना है और जातिवाद, क्षेत्रवाद तथा वंशवाद से ऊपर उठकर समावेशी विकास को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक साधारण शिक्षक के पुत्र अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने, गरीब परिवार में जन्मे योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने और चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। उनके अनुसार, समाज के कमजोर वर्ग से आने वाला व्यक्ति भी राष्ट्रपति बन सकता है — 'यही भारतीय गणतंत्र की सच्ची विजयगाथा है।'
बचपन की स्मृतियाँ और गरीबी से उठने की यात्रा
कोविंद ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि कानपुर देहात के एक छोटे से गाँव में उनका साधारण घर था, जिसकी छत बरसात में टपकती थी। उन्होंने कहा कि 2017 में राष्ट्रपति चुने जाने पर वे स्मृतियाँ फिर ताज़ा हुईं और उन्होंने तब कहा था कि देश के किसी गाँव में आज भी कोई छोटा-सा बालक टपकती छत के नीचे खड़ा होकर बेहतर भविष्य के सपने देख रहा होगा। उन्होंने कहा कि आज मोदी और योगी सरकार ने करोड़ों गरीबों को पक्के मकान के साथ गरिमा और सुरक्षा का एहसास कराया है। उनके पिता ने शिक्षा को जीवन बदलने का माध्यम माना और जमीन दान करने के बावजूद अपने बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
प्रयागराज महाकुंभ और आत्मकथा की क्षेत्रीय प्रकाशन योजना
उन्होंने प्रयागराज महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने विश्व को भारत की आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक समरसता की शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी आत्मकथा आने वाले दिनों में देश की सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित की जाएगी, ताकि यह यात्रा देश के हर कोने तक पहुँच सके।