कुआलालंपुर में 2026 चीन स्मार्ट प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी: 50 से अधिक कंपनियों ने एआई और डिजिटल सहयोग पर जोड़े हाथ
सारांश
मुख्य बातें
कुआलालंपुर में 15 मई 2026 को आयोजित 2026 चीन स्मार्ट प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में चीन और मलेशिया की 50 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), सूचना एवं संचार, और बुद्धिमान विनिर्माण के क्षेत्रों में गहन सहयोग की नींव रखी। इस प्रदर्शनी में राजनीतिक, व्यापार, प्रौद्योगिकी और उद्यम जगत के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भागीदारी की।
प्रदर्शनी का केंद्र-बिंदु
इस वर्ष की प्रदर्शनी में उन्नत डेटा सेंटर निर्माण, बुद्धिमान बायोनिक रोबोट अनुसंधान एवं विकास सहयोग, और डिजिटल संचार प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोग प्रमुख आकर्षण रहे। दोनों देशों की कंपनियों ने न केवल तकनीकी प्रदर्शन किए, बल्कि भविष्य के संयुक्त अनुसंधान एवं विकास की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया।
मलेशियाई प्रधानमंत्री का संदेश
उद्घाटन समारोह में मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने एक बधाई पत्र भेजा। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी मलेशिया और चीन के बीच, विशेष रूप से स्मार्ट उद्योगों, डिजिटल नवाचार और उन्नत प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में, आदान-प्रदान को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उनके अनुसार, यह पहल द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने तथा दोनों देशों के आर्थिक विकास को गति देने में सहायक होगी।
सरकारी प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
मलेशिया की संचार उप मंत्री टीओ नी चिंग ने उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मलेशिया अंतरराष्ट्रीय सहयोग को डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास का एक प्रमुख चालक मानता है। उन्होंने चीनी कंपनियों का स्वागत किया और उन्हें एआई, 5जी अनुप्रयोगों और स्वच्छ ऊर्जा समाधानों जैसे क्षेत्रों में मलेशियाई भागीदारों के साथ सहयोग गहरा करने के लिए आमंत्रित किया, ताकि पारस्परिक लाभ के परिणाम सुनिश्चित हो सकें।
मलेशिया में चीनी राजदूत ओयांग य्वीचिंग ने कहा कि चीन, विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था और एआई जैसे क्षेत्रों में मलेशिया के साथ सहयोग को और गहरा करने का इच्छुक है। उन्होंने अनुसंधान एवं विकास सहयोग, लोगों के बीच आदान-प्रदान और औद्योगिक तालमेल को मजबूत करने पर भी बल दिया, ताकि क्षेत्रीय समृद्धि, स्थिरता और सतत विकास में सकारात्मक योगदान दिया जा सके।
आगे की राह
यह प्रदर्शनी ऐसे समय में आयोजित हुई है जब चीन और मलेशिया के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग तेज़ी से विस्तार पा रहा है। गौरतलब है कि दक्षिण-पूर्व एशिया में डिजिटल अवसंरचना निवेश के लिए मलेशिया एक प्रमुख गंतव्य बनता जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के द्विपक्षीय मंच दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और संयुक्त उद्यमों की राह प्रशस्त करते हैं।