कुकू कोहली के निधन पर सलमान खान भावुक, अंतिम संस्कार में टूटी दिखीं अरुणा ईरानी
सारांश
मुख्य बातें
हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ निर्देशक कुकू कोहली का बुधवार, 27 अगस्त 2026 को मुंबई में अंतिम संस्कार किया गया। मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद अस्पताल में उनका निधन हो गया था। उनके जाने से हिंदी फिल्म उद्योग में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।
सलमान खान की श्रद्धांजलि
अभिनेता सलमान खान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शोक संदेश साझा करते हुए लिखा, "रेस्ट इन पीस कुकी जी। अरुणा जी, इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं आपके साथ हैं। भगवान आपको शक्ति दें।" फिल्म जगत की अनेक हस्तियों ने भी सोशल मीडिया और व्यक्तिगत रूप से कोहली को श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम संस्कार में भावुक दिखीं अरुणा ईरानी
अंतिम संस्कार के दौरान कुकू कोहली की पत्नी और वरिष्ठ अभिनेत्री अरुणा ईरानी बेहद भावुक नजर आईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में वह सफेद वस्त्रों में श्मशान घाट पहुँचीं, जहाँ उनके साथ मौजूद परिजन और करीबी उन्हें सहारा देते दिखे। एक अन्य दृश्य में वह किसी का हाथ थामे अंतिम संस्कार स्थल की ओर जाती दिखाई दीं।
परिवार और निजी जीवन
कुकू कोहली के परिवार में पत्नी अरुणा ईरानी के अलावा उनकी पहली पत्नी रीता कोहली से दो बेटियाँ — पूजा और करिश्मा — हैं। कुकू कोहली और अरुणा ईरानी ने वर्ष 1990 में विवाह किया था। अरुणा ईरानी ने एक टीवी कार्यक्रम में बताया था कि शुरुआत में दोनों के बीच फिल्म सेट पर अक्सर बहस होती थी और रिश्ते उतार-चढ़ाव भरे थे। समय के साथ दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने विवाह किया। दोनों ने लंबे समय तक अपने रिश्ते को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखा।
कुकू कोहली की फिल्मी विरासत
कुकू कोहली हिंदी सिनेमा के उन निर्देशकों में गिने जाते थे जिन्होंने 1990 के दशक में एक्शन और पारिवारिक फिल्मों की धारा को नई दिशा दी। उनकी सबसे चर्चित फिल्म 'फूल और कांटे' (1991) रही, जिसमें अजय देवगन ने बॉलीवुड में पदार्पण किया था। इसके अलावा उन्होंने 'हकीकत', 'सुहाग', 'जुल्मी', 'अनाड़ी नंबर-1', 'ये दिल आशिकाना' और 'वो तेरा नाम था' जैसी फिल्मों का भी निर्देशन किया। गौरतलब है कि 'फूल और कांटे' आज भी बॉलीवुड के सबसे यादगार डेब्यू में से एक मानी जाती है।
आगे क्या
फिल्म उद्योग में उनके योगदान को याद करते हुए कई निर्देशक, अभिनेता और निर्माता उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कुकू कोहली के निधन से हिंदी सिनेमा ने एक अनुभवी और रचनात्मक फिल्मकार खो दिया है, जिनकी फिल्में आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।