क्या भाजपा नेता नफरत फैलाने वाली बातें करके चर्चा में बने रहना चाहते हैं: संतोष लाड?

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क्या भाजपा नेता नफरत फैलाने वाली बातें करके चर्चा में बने रहना चाहते हैं: संतोष लाड?

सारांश

कर्नाटक के मंत्री संतोष लाड ने मनरेगा योजना के नाम बदलने को लेकर केंद्र सरकार की तीखी आलोचना की है। उन्होंने इसे महात्मा गांधी के प्रति नफरत का परिणाम करार दिया। क्या भाजपा नेता चर्चा में बने रहने के लिए नफरत फैलाने की राजनीति कर रहे हैं? जानिए इस विवाद को लेकर उनके विचार।

मुख्य बातें

संतोष लाड का आरोप है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी से नफरत करती है।
मनरेगा योजना का नाम बदलना राजनीतिक लाभ के लिए किया गया है।
भाजपा नेता चर्चा में बने रहने के लिए नफरत फैलाने से नहीं चूक रहे हैं।
धर्म को केंद्र बनाकर समाज में नफरत फैलाने का प्रयास।
सरकार की कार्यशैली पर जनता का विश्वास कम हुआ है।

बेलगावी, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक सरकार के मंत्री संतोष लाड ने ‘मनरेगा’ योजना के नाम परिवर्तन पर केंद्र सरकार की निषेधात्मक आलोचना की और इसे महात्मा गांधी के प्रति नफरत का संकेत बताया।

संतोष लाड ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर यह सिद्ध कर दिया है कि उसे महात्मा गांधी से घृणा है। आज की तारीख में इस सरकार के इस रुख से देश के सभी लोग अवगत हैं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर क्या हासिल किया है। यह स्पष्ट है कि उन्हें किसी भी प्रकार का लाभ नहीं होने वाला है। यह नाम परिवर्तन उनके वैचारिक मतभेद के कारण हुआ है।

मंत्री ने कहा कि यह स्थिति अत्यंत विचित्र है। जब कोई विदेशी मेहमान हमारे देश में आता है, तो उसे महात्मा गांधी के समाधि स्थल पर ले जाया जाता है और उनके योगदान के बारे में विस्तार से बताया जाता है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि इस कदम के जरिए उन्होंने यह साबित कर दिया कि उन्हें महात्मा गांधी से नफरत है। हम ऐसी स्थिति को स्वीकार नहीं करने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने क्या किया है। शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि इस सरकार ने नाम बदलने के अलावा कुछ नहीं किया है। ये लोग जब से सत्ता में आए हैं, तब से जनता के हितों पर कुठाराघात कर रहे हैं। जब इन्हें शासन की बागडोर सौंपी गई थी, तब जनता की बहुत सारी उम्मीदें थीं।

दुख की बात है कि इस सरकार ने आज तक किसी भी उम्मीद को पूरा नहीं किया। इन्होंने केवल राजनीतिक लाभ के लिए काम किया है, जिसे अब जनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। अब ऐसा लगता है कि लोग इस सरकार की कार्यशैली को संदेह की दृष्टि से देखने पर मजबूर हो गए हैं। इस सरकार ने देश में विकास कार्यों को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है।

कर्नाटक सरकार के मंत्री संतोष लाड ने नफरती बयानों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इस सरकार ने केवल नफरत से प्रेरित होकर बयान दिए हैं। ये केवल अपनी बात सुनाना चाहते हैं और किसी दूसरी आवाज को सुनने के लिए तैयार नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में भाजपा की स्थिति ऐसी बन चुकी है कि हर कोई जनता के बीच चर्चित रहना चाहता है। चर्चा में बने रहने की तलाश इतनी तीव्र है कि वे अब नफरत फैलाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस दिशा में सबसे अधिक वे धर्म को निशाना बना रहे हैं। ये लोग धर्म को केंद्र में रखकर समाज में नफरत फैलाना चाहते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है। इस विषय पर चर्चा आवश्यक है ताकि सही दृष्टिकोण से समझा जा सके कि इस प्रकार की नफरत भरी बातें देश में किस तरह की राजनीतिक संस्कृति को जन्म दे रही हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

संतोष लाड ने मनरेगा योजना के नाम बदलने पर क्या कहा?
संतोष लाड ने इसे महात्मा गांधी के प्रति नफरत का संकेत बताया और केंद्र सरकार की आलोचना की।
क्या भाजपा नेता चर्चा में रहने के लिए नफरत फैलाने की बातें कर रहे हैं?
लाड के अनुसार, भाजपा नेता इस तरह की बातें कर रहे हैं ताकि वे जनता के बीच चर्चा का विषय बन सकें।
केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम क्यों बदला?
इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है, लेकिन लाड का मानना है कि यह वैचारिक मतभेद का परिणाम है।
राष्ट्र प्रेस