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क्या दो दिन की बारिश ने सड़कों की खस्ता हालत उजागर कर दी? : शिवपाल यादव

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क्या दो दिन की बारिश ने सड़कों की खस्ता हालत उजागर कर दी? : शिवपाल यादव

सारांश

उत्तर प्रदेश की सड़कों की दुर्दशा पर शिवपाल यादव ने सरकार को घेरा। क्या बारिश ने सड़कों की वास्तविकता को उजागर कर दिया? जानें इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी।

मुख्य बातें

सड़कों की खराब स्थिति की आलोचना सरकार की लापरवाही की ओर ध्यान आकर्षित बाढ़ प्रबंधन में कमजोरी अधिकारियों की मीटिंग में असफलता राजस्व में वृद्धि करने में नाकामी

लखनऊ, 13 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र चल रहा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पार्टी विधायक शिवपाल यादव ने चर्चा में भाग लेने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए सड़कों के खस्ताहाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा।

सपा नेता शिवपाल यादव ने कथित तौर पर मुख्यमंत्री आवास के नजदीक सड़कों की दुर्दशा पर सरकार को घेरा। उन्होंने सरकार पर सड़कों की ठीक तरीके से रख-रखाव नहीं करने पर निशाना साधा। शिवपाल यादव ने कहा, "आप रोजाना अपनी गाड़ियों से आते होंगे। मुख्यमंत्री आवास से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर सड़कें गड्ढों से भरी हैं। दो दिन की बारिश ने उनकी खस्ता हालत उजागर कर दी है। वे सड़कों का ठीक से रखरखाव करने में नाकाम रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "क्या वे बाढ़ रोक सकते हैं? वे कहते हैं कि हम प्रकृति से कैसे लड़ सकते हैं, लेकिन कम से कम कुछ व्यवस्था तो की जा सकती थी। वे बाढ़ नहीं रोक सके। न सिंचाई और न बिजली का प्रबंधन कर सके हैं। अधिकारियों की मीटिंग में मंत्री यह कहते हुए दिख रहे हैं कि हम कोई व्यवसाय नहीं कर रहे हैं। यहां तक कि राजस्व भी नहीं बढ़ा सके।"

वहीं, यूपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बांके बिहारी मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश को विधानसभा में पेश करने के मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर कहा, "जब अध्यादेश पेश होगा तो उसे विधेयक के रूप में पारित किया जाएगा, उस पर चर्चा होगी।"

घर पर पुलिस आने वाले मामले पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "वे जानना चाहते थे कि क्या हम राज्यपाल के आवास तक मार्च करेंगे। हमने कहा कि अभी कुछ तय नहीं हुआ है; बाद में हम तय करेंगे कि क्या करना है।"

बता दें कि सोमवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हो गई है। बुधवार को सदन की कार्यवाही का तीसरा दिन है। पिछले दोनों दिनों के दौरान सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक देखने को मिली।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सरकार को बुनियादी ढांचे के रख-रखाव के प्रति अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। ऐसा न करने से जनता की असुविधा बढ़ रही है।
RashtraPress
9 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सड़कें इतनी खराब क्यों हैं?
सरकार की लापरवाही और उचित रखरखाव के अभाव में सड़कें खराब हो गई हैं।
क्या बारिश ने स्थिति को और खराब किया?
हाँ, दो दिन की बारिश ने सड़कों की खराब स्थिति को और उजागर कर दिया।
सरकार ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
सरकार ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
क्या शिवपाल यादव ने कोई समाधान सुझाया?
शिवपाल यादव ने सड़कें ठीक करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
क्या अन्य नेता भी इस मुद्दे पर बोल रहे हैं?
हाँ, अन्य नेता भी सड़कों की दुर्दशा पर अपनी चिंताएँ व्यक्त कर रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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