क्या ममता बनर्जी घुसपैठियों को प्रोत्साहित कर रही हैं?: कमलजीत सहरावत

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क्या ममता बनर्जी घुसपैठियों को प्रोत्साहित कर रही हैं?: कमलजीत सहरावत

सारांश

क्या ममता बनर्जी घुसपैठियों को प्रोत्साहित कर रही हैं? भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने पीएम मोदी के बयान का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने घुसपैठ की चुनौती का जिक्र किया। जानिए पूरी कहानी और इससे जुड़े राजनीतिक पहलुओं को।

मुख्य बातें

घुसपैठ का मुद्दा गंभीर है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
ममता बनर्जी पर घुसपैठियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है।
युवाओं ने राजनीतिक निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार रोजगार योजनाओं पर जोर दे रही है।
घुसपैठियों के लिए सख्ती की आवश्यकता है।

नई दिल्ली, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने एक जनसभा के दौरान कहा कि बंगाल के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठ की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी हमेशा घुसपैठियों को बढ़ावा देती हैं। यही कारण है कि बंगाल में घुसपैठियों को संरक्षण मिलता रहा है।

मालदा में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बंगाल के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती घुसपैठ की है। विकसित देशों में भी घुसपैठियों को निकाला जा रहा है, इसलिए बंगाल में भी घुसपैठियों को बाहर किया जाना चाहिए।

कमलजीत सहरावत ने कहा कि बंगाल सरकार का घुसपैठियों के प्रति रवैया सिर्फ बढ़ावा देना है। कई राज्यों ने सीमा पर सख्ती की है, लेकिन बंगाल में ऐसा कोई कदम नहीं उठाया गया है, जिससे घुसपैठ मुश्किल हो। टीएमसी नेता घुसपैठियों को भारतीय दस्तावेज देने में मदद कर रहे हैं। ममता बनर्जी घुसपैठियों को प्रेरित कर रही हैं, जिससे हमारी जनसंख्या और डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। यह वास्तव में एक खतरनाक स्थिति है।

बीएमसी चुनाव के बाद विपक्ष के आरोपों पर भाजपा सांसद ने कहा कि चाहे बिहार चुनाव हो या बीएमसी चुनाव, युवाओं ने समझदारी से निर्णय लिया है। तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने युवाओं और बेरोजगारी पर बहुत बात की, लेकिन युवा वोटरों ने विकसित भारत के विजन पर भरोसा जताया है। सरकार ने स्टार्टअप्स और विभिन्न रोजगार योजनाओं को बढ़ावा दिया है, जिससे युवाओं को फायदा हो रहा है। यही बात बीएमसी चुनाव में भी देखने को मिली है। युवा वर्ग अपने भविष्य को लेकर सोचता है और समझदारी से निर्णय लेता है।

मणिकर्णिका घाट पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा सांसद ने कहा कि उन्हें अपने पिताजी का कार्यकाल याद करना चाहिए, जब रामभक्तों पर अत्याचार किया गया था। मंदिरों के बारे में बात करने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है। वे भगवान और भक्तों का मजाक उड़ाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि घुसपैठ का मुद्दा केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा का गंभीर विषय भी है। सभी पक्षों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या घुसपैठ की समस्या केवल बंगाल तक सीमित है?
नहीं, यह समस्या अनेक राज्यों में देखी जा रही है, जहां सीमाएँ मिलती हैं।
ममता बनर्जी पर घुसपैठियों को प्रोत्साहित करने का आरोप क्यों है?
आरोप है कि उनकी सरकार घुसपैठियों के प्रति नरम रवैया अपनाती है।
राष्ट्र प्रेस