क्या ईडी की रेड में सीएम ममता बनर्जी का पहुंचना गलत था: पवन कुमार बंसल?
सारांश
Key Takeaways
- ईडी का राजनीतिक उपयोग हो रहा है।
- चुनाव हर 5 साल में होने चाहिए।
- मेयर के चुनाव के साथ अन्य पदों के चुनाव भी होने चाहिए।
- संविधान का पालन करना आवश्यक है।
- धांधली के मामलों में भाजपा की आलोचना बढ़ी है।
चंडीगढ़, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल ने पश्चिम बंगाल में आई-पैक के कार्यालय में हुई ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ईडी अब सरकार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। उन्होंने कहा कि सरकार इसका उपयोग अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कर रही है।
चंडीगढ़ म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुनावों पर उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव हर पांच साल में होने चाहिए। सभी चंडीगढ़ के नागरिकों को मेयर का चुनाव करने का अधिकार मिलना चाहिए, लेकिन यह तभी संभव होगा जब मेयर के पद को सशक्त बनाया जाए और उचित अधिकार दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि मेयर को कार्य करने के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध होने चाहिए।
पवन कुमार बंसल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि मेयर के चुनाव के साथ ही सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव भी होने चाहिए। तीनों चुनाव एक साथ हो सकते हैं। काउंसलर अपने क्षेत्रों से चुने जाएं, लेकिन हर साल काउंसलर द्वारा मेयर का चुनाव नहीं होना चाहिए। यह लोकतंत्र के खिलाफ है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ढाई साल के चुनाव के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि यह कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं लाएगा। चुनाव हर 5 साल में होने चाहिए। हाल ही में हुए चुनावों में धांधली के मामलों के बाद भाजपा की कड़ी आलोचना हुई थी, और सुप्रीम कोर्ट से भी नसीहत मिली थी।
पश्चिम बंगाल में ईडी की छापेमारी और राजनीतिक गतिविधियों पर उन्होंने कहा कि ईडी एक सरकारी उपकरण के रूप में कार्य कर रही है। भाजपा के नेता इसका उपयोग अपने विरोधियों के खिलाफ कर रहे हैं, जो कि कई जगहों पर देखा गया है।
सीएम ममता बनर्जी के बारे में उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो पहले न्यायालय से संपर्क किया जाना चाहिए था। ममता बनर्जी का कमिश्नर और पुलिस के साथ वहां पहुंचना उचित नहीं था। हमें संविधान के अनुसार कार्य करना चाहिए।