मार्च की शुरुआत: रवि प्रदोष व्रत और राहुकाल की जानकारी

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मार्च की शुरुआत: रवि प्रदोष व्रत और राहुकाल की जानकारी

सारांश

मार्च महीने की शुरुआत रवि प्रदोष व्रत के साथ हो रही है, जो सभी शिव भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। जानें इस दिन के शुभ और अशुभ मुहूर्त के बारे में।

मुख्य बातें

रवि प्रदोष व्रत का महत्व और उसके लाभ शुभ मुहूर्त और अशुभ मुहूर्त की जानकारी दिशाशूल और यात्रा के लिए सलाह रवि पुष्य योग का प्रभाव शिव भक्तों के लिए विशेष तिथियों की जानकारी

नई दिल्ली, 28 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। नए महीने मार्च की शुरुआत बाबा भोलेनाथ के प्रिय दिन रवि प्रदोष व्रत से हो रही है। यह माना जाता है कि प्रदोष व्रत रखने से पिछले पापों से मुक्ति मिलती है।

महीने में दो बार प्रदोष व्रत आता है, जिससे यह तिथि हर शिव भक्त के लिए महत्वपूर्ण बन जाती है। 1 मार्च, रविवार का दिन शुभ रहेगा, क्योंकि यह भद्रा से मुक्त है और किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए यह एक अच्छा मुहूर्त है। 1 मार्च को त्रयोदशी शाम 7:09 बजे तक रहेगी, उसके बाद चतुर्दशी का आरंभ होगा।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 से लेकर 12:58 बजे तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:19 से 6:44 बजे तक रहेगा। अमृत काल मुहूर्त सुबह 6:18 से अगली सुबह 7:51 बजे (2 मार्च) तक रहेगा। 1 मार्च की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5:08 से 5:57 बजे तक होगी, जबकि विजय मुहूर्त सुबह 5:33 से 6:47 बजे तक रहेगा।

अशुभ मुहूर्त की बात करें तो 1 मार्च को राहुकाल शाम 4:55 से 6:22 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 3:28 से 4:55 बजे तक रहेगा, जबकि यमगण्ड काल दोपहर 12:34 से 2:01 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त शाम 4:49 से 5:25 बजे तक रहेगा।

रविवार के दिन रवि पुष्य योग भी रहेगा, जिसका मुहूर्त सुबह 6:47 से 8:34 बजे तक होगा। 1 मार्च को आडल योग नहीं रहेगा, लेकिन वर्ज्य मुहूर्त शाम 8:59 से 10:32 बजे तक रहेगा। बात करें रविवार के सूर्योदय की तो यह सुबह 6:47 बजे होगा, सूर्यास्त शाम 6:22 बजे होगा, और चन्द्रोदय शाम 4:17 बजे होगा और अगले दिन सुबह 6 बजे (2 मार्च) तक रहेगा। रविवार के दिन दिशाशूल पश्चिम दिशा में रहेगा। इस दिशा में यात्रा करने से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पापों से मुक्ति का अवसर प्रदान करता है। इसके साथ ही, शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 मार्च को रवि प्रदोष व्रत का महत्व क्या है?
रवि प्रदोष व्रत का पालन करने से पिछले पापों से मुक्ति मिलती है और भक्तों को विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
1 मार्च के शुभ मुहूर्त कब हैं?
1 मार्च के शुभ मुहूर्त में अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:11 से 12:58 बजे तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 6:19 से 6:44 बजे तक है।
1 मार्च को राहुकाल कब है?
1 मार्च को राहुकाल शाम 4:55 से 6:22 बजे तक रहेगा।
क्या 1 मार्च को यात्रा करना शुभ है?
1 मार्च को पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए, क्योंकि वहां दिशाशूल है।
रवि पुष्य योग कब है?
रवि पुष्य योग 1 मार्च को सुबह 6:47 से 8:34 बजे तक रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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