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21 अप्रैल का पंचांग: शंकराचार्य और सूरदास जयंती के साथ शुभ रवि योग

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21 अप्रैल का पंचांग: शंकराचार्य और सूरदास जयंती के साथ शुभ रवि योग

सारांश

21 अप्रैल को शंकराचार्य और सूरदास जयंती मनाई जाएगी। यह दिन खास है क्योंकि इस दिन रवि योग का शुभ मुहूर्त भी है। जानें आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त के बारे में।

मुख्य बातें

21 अप्रैल को शंकराचार्य और सूरदास जयंती मनाई जाएगी।
रवि योग शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त समय है।
अशुभ मुहूर्तों से बचें, विशेषकर राहुकाल में।
सूर्य और चंद्रमा के उदय का ध्यान रखें।
उत्तर दिशा की यात्रा से बचें।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हर दिन एक नई तिथि और मुहूर्त के साथ आता है, जो हिंदू धर्म में शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। 21 अप्रैल, मंगलवार का दिन विशेष रूप से शुभ है, क्योंकि इस दिन शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती मनाई जाएगी।

इन दोनों महापुरुषों का हिंदू धर्म में गहरा महत्व है। एक ने ज्ञान की ज्योति फैलायी और दूसरे ने भक्ति का संचार किया। 21 अप्रैल को तिथि पंचमी रहेगी, जो अगले दिन रात 1:19 बजे तक विद्यमान रहेगी। आज राहुकाल का प्रभाव रहेगा, लेकिन भद्रा का साया नहीं होगा। आइए जानते हैं शुभ और अशुभ मुहूर्त के बारे में।

शुभ मुहूर्त के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:23 बजे से लेकर 5:07 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से लेकर 12:47 बजे तक है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6:50 बजे से लेकर 7:12 बजे तक रहेगा। अमृत काल मुहूर्त 3:58 बजे से लेकर 5:25 बजे तक है। विजय मुहूर्त दोपहर 2:31 बजे से लेकर 3:23 बजे तक रहेगा। मंगलवार को रवि योग भी बन रहा है, जो रात 11:58 बजे से लेकर अगली सुबह 5:50 बजे तक रहेगा।

रवि योग ज्योतिष में अत्यंत शुभ माना जाता है। यह सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों के आधार पर बनता है और अशुभ योगों के प्रभाव को कम करता है। इस समय किए गए कार्यों का फल हमेशा सकारात्मक रहता है।

अशुभ मुहूर्त की बात करें तो राहुकाल 3:36 बजे से लेकर 5:13 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 12:21 बजे से लेकर 1:58 बजे तक है। वर्ज्य मुहूर्त सुबह 7:14 बजे से लेकर 8:41 बजे तक रहेगा और यमगण्ड काल सुबह 9:06 बजे से लेकर 10:43 बजे तक रहेगा।

21 अप्रैल को सूर्योदय सुबह 5:51 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 6:51 बजे होगा। चन्द्रमा का उदय सुबह 8:45 बजे होगा और चन्द्रास्त रात 11:27 बजे होगा। आज की दिशा शूल उत्तर दिशा है, अतः उत्तर दिशा की यात्रा से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

आज का पंचांग कई शुभ मुहूर्तों की भी जानकारी देता है। इसे ध्यान में रखकर महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाना लाभकारी हो सकता है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 21 अप्रैल को कोई विशेष त्योहार है?
हाँ, 21 अप्रैल को शंकराचार्य जयंती और सूरदास जयंती मनाई जाती है।
रवि योग का क्या महत्व है?
रवि योग एक शुभ समय होता है, जो सूर्य और चंद्रमा के नक्षत्रों पर आधारित होता है।
भद्रा का साया 21 अप्रैल को रहेगा?
नहीं, 21 अप्रैल को भद्रा का साया नहीं रहेगा।
कब है शुभ मुहूर्त 21 अप्रैल को?
शुभ मुहूर्त सुबह 4:23 से 5:07 बजे, और 11:55 से 12:47 बजे तक है।
कौन सी दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए?
उत्तर दिशा की यात्रा से बचना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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