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क्या ओवैसी और लालू यादव की राजनीति तुष्टीकरण पर आधारित है? : श्रीराज नायर

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क्या ओवैसी और लालू यादव की राजनीति तुष्टीकरण पर आधारित है? : श्रीराज नायर

सारांश

क्या ओवैसी और लालू यादव की राजनीति सिर्फ तुष्टीकरण पर निर्भर करती है? जानिए इस विषय पर श्रीराज नायर की राय, जो बिहार चुनाव में हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हैं। इस लेख में उनके विचार और हिंदुत्व के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को पढ़ें।

मुख्य बातें

ओवैसी और लालू यादव की राजनीति तुष्टीकरण पर आधारित है।
हिंदू समाज एकजुट है और चुनाव में जीत हासिल करेगा।
कांवड़ यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी है।
भाषा के नाम पर हिंसा अस्वीकार्य है।
विश्व हिंदू परिषद हर हिंदू पर्व का समर्थन करती है।

मुंबई, 4 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति में हलचल तेज हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में एआईएमआईएम ने आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद को एक पत्र लिखकर महागठबंधन में शामिल होने का आग्रह किया है। इस संदर्भ में विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने ओवैसी और लालू यादव की राजनीति को तुष्टीकरण पर आधारित बताया है।

श्रीराज नायर ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "असदुद्दीन ओवैसी और लालू यादव जैसे नेता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, जिनकी राजनीति तुष्टीकरण पर निर्भर करती है। एआईएमआईएम पहले कांग्रेस के साथ गठबंधन कर चुकी है और ये सभी मिलकर हिंदुओं और हिंदुत्व को निशाना बनाते हैं। बिहार चुनाव में इनकी मंशा नाकाम होगी। हिंदू समाज एकजुट है और बिहार में हिंदुत्व आधारित सरकार बनेगी। उनके सभी हथकंडे असफल साबित होंगे।

महाराष्ट्र में हिंदी पर राजनीतिक संग्राम पर श्रीराज नायर ने कहा, "मराठी हमारी सम्मानित भाषा है और हम सभी भाषाओं का सम्मान करते हैं, विशेषकर मराठी का। लेकिन हाल के दिनों में गरीब हिंदुओं को केवल भाषा के आधार पर पीटा जाना निंदनीय है। मराठी न बोलने वालों को सीखने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए, लेकिन मारपीट करना गलत है। विश्व हिंदू परिषद इसका कड़ा विरोध करती है। भाषा के नाम पर हिंसा करना और हिंदुओं को टारगेट करना पूरी तरह से अनुचित और दुर्भाग्यपूर्ण है।

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने कांवड़ यात्रा को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान 60 डेसिबल से अधिक डीजे की आवाज नहीं होनी चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीराज नायर ने कहा कि कांवड़ यात्रा साल में एक बार होती है और यह धार्मिक आस्था से जुड़ी है। देश में पीएम नरेंद्र मोदी और विभिन्न राज्यों में भाजपा सरकारों के नेतृत्व में धार्मिक स्वतंत्रता है। पहले कांग्रेस के समय वाला दबाव अब नहीं है। कुछ लोगों को हिंदू उत्सवों से समस्या है, लेकिन विश्व हिंदू परिषद हर हिंदू पर्व और परंपरा के साथ खड़ी है। हम कंधे से कंधा मिलाकर हर हिंदू के साथ रहेंगे और उनके धार्मिक अधिकारों की रक्षा करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम एक एकजुट समाज के रूप में मजबूती से खड़े रहें। हिंदुत्व की अवधारणा को समझते हुए हमें अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना चाहिए।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ओवैसी और लालू यादव की राजनीति तुष्टीकरण पर आधारित है?
हां, श्रीराज नायर के अनुसार, ओवैसी और लालू यादव की राजनीति तुष्टीकरण पर निर्भर करती है।
श्रीराज नायर का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि ये नेता एक ही सिक्के के दो पहलू हैं और इनकी मंशा चुनाव में नाकाम होगी।
क्या कांवड़ यात्रा में डीजे की आवाज पर कोई नियम है?
डॉ. एसटी हसन ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान 60 डेसिबल से अधिक डीजे की आवाज नहीं होनी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद का क्या स्टैंड है?
विश्व हिंदू परिषद हर हिंदू पर्व और परंपरा का समर्थन करती है और धार्मिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प लेती है।
राष्ट्र प्रेस
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