क्या राहुल गांधी झूठ बोलने की खेती करते हैं? गिरिराज सिंह का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया।
- भारतीय टेक्सटाइल इंडस्ट्री में रोजगार बढ़ रहा है।
- आंकड़ों का सही मूल्यांकन जरूरी है।
- राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
- इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर का महत्व।
नई दिल्ली, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके समान झूठ बोलने वाला व्यक्ति लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष है। उनका ज्ञान सीमित है या वे केवल झूठ बोलने की खेती कर रहे हैं।
राहुल गांधी का यह कहना है कि 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ से भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को बहुत नुकसान हो रहा है। उनके अनुसार, नौकरियों का जाना, फैक्ट्रियों का बंद होना और ऑर्डर में कमी हमारी 'खराब अर्थव्यवस्था' की सच्चाई है।
इस पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और जब तक वे पद पर हैं, देश की अर्थव्यवस्था बंद नहीं हो सकती। भारत ने दुनिया में 11वें स्थान से चौथे स्थान पर अपनी स्थिति सुधार ली है। टेक्सटाइल सेक्टर में फैक्ट्रियां बंद नहीं हुई हैं, बल्कि राहुल गांधी की सोच ठप पड़ गई है। उन्हें सोशल मीडिया पर देश के बारे में फैलाए जा रहे झूठ को बंद करना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। टेक्सटाइल और गारमेंट इंडस्ट्री में कोई गिरावट नहीं आई है।
गिरिराज सिंह ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए, जैसे कि अप्रैल-दिसंबर 2024 में एक्सपोर्ट 95,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025 की इसी अवधि में 1,02,000 करोड़ रुपए हो गया। यह स्पष्ट रूप से दिखाता है कि इंडस्ट्री तरक्की कर रही है। पिछले 11 वर्षों में, हमने टेक्सटाइल सेक्टर में 5 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान किया है।
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी की सोच जर्जर हो गई है और मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि मेरे द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों पर लोकसभा में चर्चा करें।
गिरिराज सिंह ने 74वें इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर के उद्घाटन के साथ भारतीय गारमेंट इंडस्ट्री की ऊर्जा और आत्मविश्वास को उजागर किया। यह आयोजन गारमेंट सेक्टर की बढ़ती पहचान और क्षमता का मजबूत संकेत है। गारमेंट सेक्टर टेक्सटाइल एक्सपोर्ट का आधार है और देश में सबसे बड़ा रोज़गार देने वाला क्षेत्र है। इस प्लेटफार्म पर एक्सपोर्टर्स और स्टेकहोल्डर्स के बीच सार्थक संवाद हुआ। मुझे पूरा विश्वास है कि इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर भारतीय गारमेंट इंडस्ट्री को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।