क्या राहुल गांधी एक विशेष प्रकार के 'मेमोरी लॉस' से जूझ रहे हैं?
सारांश
Key Takeaways
- राहुल गांधी पर 'मेमोरी लॉस' का आरोप
- भाजपा की संरचना और अनुशासन
- कांग्रेस और गांधी परिवार की आलोचना
- नितिन नबीन का अध्यक्ष चुना जाना
- राजनीतिक आरोपों का विश्लेषण
नई दिल्ली, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता अजय आलोक ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी को 'मेमोरी लॉस' हो रहा है और वह परिवार अब मानसिक रूप से पूरी तरह थक चुका है।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस को बताया, "गांधी परिवार ने सत्ता का विकेंद्रीकरण कब किया? जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, तब भी सारी ताकत 10 जनपथ से बाहर नहीं गई और न ही गांधी परिवार से बाहर जाने दी गई।"
अजय आलोक ने यह भी कहा कि कांग्रेस में निर्णय एक ही परिवार के इशारों पर होते रहे हैं। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष चुनाव पर भी अपनी राय रखी।
उन्होंने बताया कि पार्टी में अध्यक्ष पद के लिए कोई और नामांकन नहीं आया था। नामांकन की अवधि समाप्त होने के बाद औपचारिक घोषणा की गई कि नितिन नबीन को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है।
भाजपा की कार्यप्रणाली पर बोलते हुए अजय आलोक ने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से संरचित और अनुशासित है, जहां हर निर्णय लोकतांत्रिक तरीके से लिया जाता है।
उन्होंने कहा, "किसी और का नामांकन न होना यह दिखाता है कि पार्टी आपसी सहमति से आगे बढ़ती है। इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और सभी राज्यों के प्रतिनिधि प्रस्तावक बने। कुल 37 सेट प्रस्तावकों के थे।"
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री भी शामिल थे। अजय आलोक ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने घर की स्थिति देखनी चाहिए, जहां पार्टी अध्यक्ष या तो एक ही परिवार से आता है या फिर उसी परिवार की इच्छा के अनुसार चुना जाता है।
अजय आलोक ने एक बार फिर गांधी परिवार पर सत्ता के केंद्रीकरण का आरोप लगाया, जबकि भाजपा को लोकतांत्रिक और सहमति आधारित पार्टी बताते हुए उसकी संगठनात्मक मजबूती पर जोर दिया।