क्या शकील अहमद के बयान का सच्चाई से कोई संबंध नहीं है? - शकील अहमद खान
सारांश
Key Takeaways
- शकील अहमद खान ने शकील अहमद के बयानों को सच्चाई से दूर बताया।
- संविधान और उसके अधिकारों का रक्षा करने की आवश्यकता है।
- यूथ कांग्रेस पर आरोपों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
- राजनीतिक संवाद में संघर्ष की बात प्रमुख है।
कटिहार, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व कांग्रेस नेता शकील अहमद इन दिनों लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को लेकर दिए गए डरपोक बयान के कारण चर्चा में हैं। जहां भाजपा नेता उनके बयानों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कांग्रेस नेताओं ने इसका विरोध जताया है।
बिहार से कांग्रेस नेता शकील अहमद खान ने कहा कि जिस प्रकार के बयान पूर्व मंत्री रहे शकील अहमद दे रहे हैं, उनका सच्चाई से कोई संबंध नहीं है।
कटिहार में मीडिया से बातचीत के दौरान शकील अहमद खान ने कहा कि इस देश में वर्तमान सरकार के खिलाफ संघर्ष करने की आवश्यकता है। संविधान में दिए गए अधिकारों पर हमले हो रहे हैं। दलितों, मुसलमानों, युवाओं और महिलाओं पर हमले हो रहे हैं। यही कारण है कि राहुल गांधी संविधान की कॉपी लेकर चलते हैं। संविधान में जो अधिकार हैं, उनकी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस देश में न्याय प्रणाली और संस्थाएं कमजोर हो गई हैं। आर्थिक विकास भी कमज़ोर हो गया है। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी संघर्ष कर रही है।
उन्होंने कहा कि शकील अहमद को वर्तमान समय में सहयोग देने के बजाय ऐसे आरोप लगा रहे हैं, जिनका सच्चाई से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। व्यक्तिगत रूप से आपको टीस हो सकती है, लेकिन पार्टी के अंदर जो भी सामूहिक निर्णय होता है, उसे हमें मानना होता है। शकील अहमद कई पदों पर रह चुके हैं, उन्हें यह मालूम है कि यदि कोई बात पसंद नहीं आती तो अपनी बात कहां रख सकते हैं, लेकिन सभी को अपनी बात रखने की आजादी है। वह अपनी बात रख भी रहे हैं, लेकिन सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।
दूसरी ओर, पूर्व कांग्रेसी नेता शकील अहमद ने यूथ कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें फोन पर सूचना दी गई कि दिल्ली से उनके खिलाफ हमले का आदेश आया है।
उन्होंने दावा किया कि पटना और मधुबनी में उनके घरों पर हमले की योजना बनाई गई है, जिसकी सूचना उन्होंने प्रशासन को दे दी है। उन्होंने कहा कि यूथ कांग्रेस की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है कि शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उनका पुतला जलाया जाएगा और जोरदार विरोध किया जाएगा।
पुतला जलाने पर आपत्ति जताते हुए शकील अहमद ने कहा कि मैं एक मुसलमान हूं। यदि मुझे खत्म करना है तो मुझे दफनाना होगा; पुतला जलाना मेरे धर्म का अपमान है। इस तरह की हरकतें मेरे धर्म को भ्रष्ट करने जैसी हैं। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय तक कांग्रेस के सदस्य रहे और कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। इसके बावजूद यदि यूथ कांग्रेस उनके खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर रही है तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।