क्या जुबीन गर्ग की मौत के मामले में हम सच से दूर हैं: गौरव गोगोई?
सारांश
Key Takeaways
- जुबीन गर्ग की मौत के मामले में बयान असंगत हैं।
- गौरव गोगोई ने सवाल उठाए हैं कि सच्चाई क्या है।
- दोनों सरकारों के बीच संवाद हुआ है।
- क्लीन चिट देने का आधार स्पष्ट नहीं है।
- न्याय की आवश्यकता बनी हुई है।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में कहा कि इतने दिनों के बीतने के बावजूद हम सचाई से बहुत दूर हैं।
गोगोई ने बताया कि सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं और सवालों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।
नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा कि सिंगापुर की अथॉरिटीज का जो कहना है और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का जो बयान है, उनमें एक बड़ा विरोधाभास है। सिंगापुर में जांच के बाद यह कहा गया है कि जुबीन गर्ग की मौत प्राकृतिक थी, जबकि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इसे हत्या बताया है। अब इन दोनों बयानों में आकाश-पाताल का अंतर है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि जुबीन गर्ग की मौत के मामले में कौन सच बोल रहा है। क्या सिंगापुर की अथॉरिटीज सच हैं या फिर असम के मुख्यमंत्री? लोगों को किस पर विश्वास करना चाहिए?
गौरव गोगोई ने कहा कि इस मामले में दोनों सरकारों के बीच बातचीत हुई है। दोनों देशों की पुलिस टीमों ने तालमेल किया है और दस्तावेज साझा किए हैं। फिर भी दोनों तरफ के बयान अलग क्यों हैं? इतने दिनों बीत जाने के बाद भी हम सचाई से बहुत दूर हैं। उन्होंने कहा कि सिंगापुर में कहा गया है कि अंतिम क्षणों में जुबीन गर्ग के साथ 20 लोग थे, लेकिन असम पुलिस ने कई लोगों को क्लीन चिट दे दी है। इनमें से कुछ लोग सीएम के करीबी बताए जा रहे हैं।
गौरव गोगोई ने कहा कि मेरा सवाल यह है कि यह क्लीन चिट किस आधार पर दी गई। सवालों के जवाब मिलने चाहिए, लेकिन सवाल बढ़ते ही जा रहे हैं। क्या किसी बड़ी मछली को बचाया जा रहा है? क्या जुबीन गर्ग के मामले में न्याय मिलेगा?