साबरमती जेल से लॉरेंस बिश्नोई का 'साम्राज्य' कैसे: कांग्रेस के सचिन सावंत ने सरकार से माँगा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सावंत ने सवाल उठाया कि बिश्नोई साबरमती जेल में बंद रहते हुए इतना बड़ा आपराधिक नेटवर्क कैसे संचालित कर सकता है — और पुलिस अधिकारी उसे कथित तौर पर 'लॉरेंस बिश्नोई साहब' कहकर संबोधित कर रहे हैं।
मुख्य आरोप और सवाल
सावंत ने कहा कि महाराष्ट्र में बाबा सिद्दीकी की हत्या, सलमान खान के आवास पर हमले और बॉलीवुड के कई अभिनेताओं व निर्माताओं को मिल रही धमकियों में बार-बार एक ही गैंग का नाम सामने आ रहा है। उन्होंने टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले का हवाला देते हुए कहा कि इस घटना के बावजूद महाराष्ट्र पुलिस बिश्नोई की हिरासत तक नहीं ले सकती — और इसके पीछे की वजह सरकार को बतानी होगी।
उन्होंने कहा, 'जितने भी गैंगस्टर हैं, वे खुद जिम्मेदारी लेते हैं कि हमला उन्होंने किया और वे लॉरेंस बिश्नोई के साथी हैं — तो जेल में बैठा शख्स यह सब कैसे करा पाता है? जनता यह सवाल पूछेगी और इसका जवाब देना पड़ेगा।'
सरकार की नीयत पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी पूछा कि क्या सरकार की इस मामले में कोई स्पष्ट नीति है, और क्या गैंगस्टर की आड़ में कोई और एजेंडा चल रहा है। उनका कहना था कि जब तक सरकार इन सवालों का सार्वजनिक जवाब नहीं देती, संदेह बना रहेगा।
सावंत ने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधा और कहा कि वे केवल वही बोलते हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह जंतर-मंतर मामले में संसद में आज तक जवाब नहीं दे पाए, और मीडिया के समक्ष भी असुविधाजनक सवालों से बचते रहते हैं।
महायुति पर 'महाकुश्ती' का तंज
सावंत ने महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), एकनाथ शिंदे गुट और अन्य शामिल हैं — को लेकर कहा कि यह सत्ता के लिए जुड़ा गठबंधन है, विचारधारा के आधार पर नहीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की लड़ाई महायुति के भीतर ही चल रही है। शिंदे के दोबारा चुनकर आने पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
उनके मुताबिक, 'ये लोग जनता की सेवा के लिए नहीं, सत्ता की प्राप्ति के लिए एक साथ आए हैं।' सावंत ने कहा कि 2029 तक जनता इसका हिसाब करेगी।
लोकतंत्र और संसद पर चिंता
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि सत्ता पक्ष संसद में विपक्ष को सवाल पूछने और बोलने से रोकता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उन्होंने दिवंगत नेता अरुण जेटली का हवाला देते हुए कहा कि संसद चलाना सरकार की जिम्मेदारी होती है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है और बिश्नोई गैंग की गतिविधियाँ राष्ट्रीय सुरक्षा बहस के केंद्र में हैं। देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण देती है या नहीं।