28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या लखनऊ में स्कूलों के बाहर जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या लखनऊ में स्कूलों के बाहर जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा?

सारांश

क्या लखनऊ में स्कूलों के बाहर जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा? संयुक्त पुलिस आयुक्त ने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। सभी स्कूलों को यातायात प्रबंधन में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है। जानें क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्य बातें

छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
स्कूलों में नोडल यातायात अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया।
सड़क पर वाहनों के खड़े होने पर प्रतिबंध लगाया जाएगा।
सभी स्कूलों को 10 जनवरी तक कार्ययोजना प्रस्तुत करनी होगी।

लखनऊ, 8 जनवरी (आईएएएस)। लखनऊ हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, स्कूलों के बाहर होने वाले जाम को समाप्त करने के लिए संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून और व्यवस्था) बबलू कुमार ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्कूल के खुलने व बंद होने के समय यातायात को सुचारू बनाना है।

बैठक में शहर के विभिन्न स्कूलों के प्रबंधक, उनके प्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त ने सभी स्कूलों में नोडल यातायात अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।

उन्होंने बताया कि स्कूल के खुलने और बंद होने के समय यातायात प्रबंधन का पूरा जिम्मा नोडल यातायात अधिकारी पर होगा। जिन स्कूलों में अभी तक यातायात व्यवस्था ठीक नहीं है, उन्हें तात्कालिक कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी स्कूलों को यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। सभी स्कूलों को केन्द्रीयकृत एनाउंसमेंट सिस्टम लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि अभिभावकों और वाहन चालकों को उचित समय पर जानकारी दी जा सके।

बैठक में यह भी तय हुआ कि स्कूल परिसर में उपलब्ध पार्किंग का ही उपयोग किया जाएगा और सड़क पर वाहनों को खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। कक्षा पांच तक के बच्चों को बिना किसी रुकावट के परिसर के अंदर उतारा जाएगा, जिससे सड़क पर जाम की स्थिति न बने।

जिन स्कूलों के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, उन्हें विद्यालय के आस-पास उपयुक्त पार्किंग स्थान चिन्हित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही स्कूल प्रबंधन को अभिभावकों को निजी वाहनों के बजाय स्कूल वैन या बस से बच्चों को भेजने के लिए प्रेरित करने को कहा गया, ताकि सड़क पर वाहन का दबाव कम हो सके।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि सभी स्कूल 10 जनवरी तक यातायात व्यवस्था से संबंधित अपनी कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसकी समीक्षा पुलिस, प्रशासन और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की जाएगी, ताकि आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया जा सके।

संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने कहा कि स्कूलों की तरफ से यातायात को लेकर कोई भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

पुलिस और शिक्षा विभाग का सहयोग आवश्यक है। यह न केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा बल्कि यातायात प्रबंधन के लिए भी एक सकारात्मक दिशा है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में स्कूलों के बाहर जाम की समस्या का कारण क्या है?
स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय वाहनों की अधिकता और पार्किंग की कमी जाम की मुख्य वजह है।
क्या इस समस्या का समाधान संभव है?
जी हाँ, पुलिस और शिक्षा विभाग के सहयोग से यातायात प्रबंधन में सुधार लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नोडल यातायात अधिकारी का क्या कार्य होगा?
नोडल यातायात अधिकारी स्कूल के समय यातायात प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 6 महीने पहले