नवरात्रि पर मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ लाडली बहनों को 41वीं किश्त, ₹1,834 करोड़ ट्रांसफर
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 14 अक्टूबर 2026 को नवरात्रि पर्व के अवसर पर उमरिया जिले के गुरुवाही ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में सिंगल क्लिक के माध्यम से मध्य प्रदेश की 1.25 करोड़ पात्र लाडली बहनों के बैंक खातों में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 41वीं किश्त के रूप में ₹1,834 करोड़ की राशि अंतरित की। राज्य सरकार योजना के अंतर्गत हर माह प्रत्येक पात्र महिला लाभार्थी को ₹1,500 की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम का विवरण और किश्त का हस्तांतरण
उमरिया के गुरुवाही ग्राम में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाडली बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा, 'नवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेश की 1.25 करोड़ लाडली बहनों को योजना की 41वीं किश्त की सौगात मिली है।' योजना की शुरुआत से अब तक लाभार्थियों के खातों में कुल ₹62,000 करोड़ से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने गैस सिलेंडर रिफिल योजना के अंतर्गत 23 लाख से अधिक पात्र हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹115.10 करोड़ की अनुदान राशि भी अंतरित की। यह अनुदान प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और गैर-उज्ज्वला श्रेणी की पात्र लाडली बहनों को ₹450 प्रति माह के मान से दो माह की गैस रिफिल के रूप में दिया गया।
विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम में ₹57 करोड़ की लागत के 68 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। साथ ही ₹87 करोड़ की लागत से पूर्ण 68 अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी किया। यह कदम उमरिया जिले के समग्र विकास की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
योजना की अब तक की यात्रा
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी, जब पहली मासिक सहायता राशि 1.25 करोड़ से अधिक लाभार्थी महिलाओं को भेजी गई थी। अब तक 41 किश्तों का भुगतान हो चुका है। गौरतलब है कि रक्षाबंधन के अवसर पर लाडली बहनों को 4 बार ₹250-₹250 की विशेष सहायता राशि सगुन के रूप में भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना में ₹23,882.81 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। गैस रिफिल अनुदान के रूप में 3 वर्षों में बहनों को ₹1,600 करोड़ की सहायता दी जा चुकी है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के एक चौथाई जिलों में महिलाएँ कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रही हैं और उमरिया में संभागायुक्त तथा कलेक्टर दोनों पद महिलाओं के पास हैं। उन्होंने कहा, 'प्रदेश की आधी आबादी के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।'
मुख्यमंत्री ने पूर्व की कांग्रेस सरकारों से तुलना करते हुए दावा किया कि कांग्रेस शासन में महिला बाल विकास विभाग का बजट मात्र ₹350 करोड़ था, जबकि वर्तमान सरकार ने महिला कल्याण के लिए ₹47,000 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने 55 वर्षों में महिलाओं पर केवल ₹25,000 करोड़ से कुछ अधिक खर्च किए।
आगे की राह
₹23,882.81 करोड़ के बजट प्रावधान के साथ लाडली बहना योजना अगले वित्तीय वर्ष में भी उसी गति से जारी रहने की उम्मीद है। यह योजना मध्य प्रदेश में महिला-केंद्रित कल्याण नीति की आधारशिला बन चुकी है, और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आगामी चुनावी चक्र में भी यह सरकार के एजेंडे का केंद्र बिंदु रहेगी।